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कॉमरेड नेता बच्चीराम कंसवाल का निधन
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बच्चीराम कंसवाल। फाइल फोटो
- फोटो : NEW TEHRI
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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) के वरिष्ठ नेता कॉमरेड बच्चीराम कंसवाल (89) नहीं रहे। किसान हितों की लड़ाई लड़ने और टिहरी बांध प्रभावितों के आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। कामरेड कंसवाल शिक्षक, राजनेता और पत्रकार भी रहे। 1960 के दशक में वामपंथी आंदोलन में शामिल रहे। शिक्षक की नौकरी छोड़कर उत्तर प्रदेश विधान परिषद, सीपीएम के टिकट पर टिहरी लोकसभा सीट से सांसद और विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था। उनके निधन पर सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। बृहस्पतिवार (आज) ऋषिकेश के पूर्णानंद घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
थौलधार ब्लॉक के मरोड़ा गांव निवासी ब च्चीराम कंसवाल टिहरी में बामपंथी विचारधारा के सबसे बड़े स्तंभ थे। पूर्व में वह शिक्षक थे। शिक्षक नेता के तौर पर उन्होंने अपनी पहचान बनाई। फिर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। कामरेड कंसवाल ने इसके बाद सीपीआई-एम को टिहरी जिले में आगे बढ़ाया। वह राजनीति के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे। टिहरी बांध प्रभावितों के आंदोलन में भी सक्रिय रहे। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहकर भी उन्होंने समाज को दिशा दिखाने का काम किया। मरोड़ा गांव के प्रधान भी रहे। लंबी बीमारी के बाद बुधवार अपराह्न को कामरेड बच्चीराम कंसवाल (89) का देहरादून स्थित अपने आवास पर निधन हो गया है। वह अपनी पीछे पत्नी जगदेश्वरी देवी, दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए। उनके पुत्र डा. मदन मोहन कंसवाल, प्रमोद कंसवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार (आज) ऋषिकेश के पूर्णानंद घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कामरेड कंसवाल के निधन पर पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय, विक्रम नेगी, किसान सभा के जिला सचिव भगवान सिंह राणा, सीपीआई के जयप्रकाश पांडेय, जगमोहन रांगड़, जगदीश कुलियाल, चिंतामणि थपलियाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद रतूड़ी, पत्रकार विक्रम बिष्ट, महीपाल सिंह नेगी, सुशील बहुगुणा, खेम सिंह चौहान, कुलदीप पंवार, नरेंद्र रावत ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
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थौलधार ब्लॉक के मरोड़ा गांव निवासी ब च्चीराम कंसवाल टिहरी में बामपंथी विचारधारा के सबसे बड़े स्तंभ थे। पूर्व में वह शिक्षक थे। शिक्षक नेता के तौर पर उन्होंने अपनी पहचान बनाई। फिर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। कामरेड कंसवाल ने इसके बाद सीपीआई-एम को टिहरी जिले में आगे बढ़ाया। वह राजनीति के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे। टिहरी बांध प्रभावितों के आंदोलन में भी सक्रिय रहे। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहकर भी उन्होंने समाज को दिशा दिखाने का काम किया। मरोड़ा गांव के प्रधान भी रहे। लंबी बीमारी के बाद बुधवार अपराह्न को कामरेड बच्चीराम कंसवाल (89) का देहरादून स्थित अपने आवास पर निधन हो गया है। वह अपनी पीछे पत्नी जगदेश्वरी देवी, दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए। उनके पुत्र डा. मदन मोहन कंसवाल, प्रमोद कंसवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार (आज) ऋषिकेश के पूर्णानंद घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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कामरेड कंसवाल के निधन पर पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय, विक्रम नेगी, किसान सभा के जिला सचिव भगवान सिंह राणा, सीपीआई के जयप्रकाश पांडेय, जगमोहन रांगड़, जगदीश कुलियाल, चिंतामणि थपलियाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद रतूड़ी, पत्रकार विक्रम बिष्ट, महीपाल सिंह नेगी, सुशील बहुगुणा, खेम सिंह चौहान, कुलदीप पंवार, नरेंद्र रावत ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
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