नागरिक सेवाओं के तहत वन संपदा और वन कर्मियों को आग से बचाने के लिए बलिदान देने वाले शौर्य चक्र विजेता रणवीर सिंह बिष्ट का छोलगांव में स्थित स्मारक के आसपास सफाई अभियान चलाया गया। लोगों ने जर्जर स्मारक की मरम्मत कराने की मांग की है।
वन संपदा और वन कर्मियों को वनाग्रि से बचाने में अपना बलिदान देने वाले वन कर्मी रणवीर सिंह बिष्ट को 1989 में राष्ट्रपति की ओर से शौर्य चक्र प्रदान किया गया था। बताया गया कि रणवीर सिंह 25 मई 1984 को अपने जन्म दिवस पर चंबा के नजदीक जंगल की आग बुझाने के दौरान बुरी तरह से झुलस कर शहीद हो गए थे। बताया गया कि रणवीर सिंह अपने जन्मदिन पर छुट्टी लेकर चंबा से अपने घर छोलगांव जा रहे थे, लेकिन उसी समय जंगल में आग भड़कने की सूचना मिलने पर वह आग बुझाने निकल पड़े और अपना दायित्व निभाते हुए वनाग्नि की चपेट में आकर शहीद हो गए। उनकी याद में उनके गांव के पास बड़कोट में एक स्मारक बनाया गया है। स्मारक की सफाई करने लिए पहुंची टीम के सदस्यों ने अभियान शुरू किया। अभियान में कमल सिंह महर, किशोरी लाल चमोली, महावीर उनियाल, महीपाल सिंह नेगी, प्रताप गुसाईं, विजयपाल रावत, योगाचार्य आशीष, जयप्रकाश गंगवाल, सुरेंद्र घई और शौर्य चक्र विजेता के गांव के विजय सिंह बिष्ट, अजय बिष्ट, सोहन सिंह बिष्ट, वीर सिंह बिष्ट, पूर्व प्रधान धन सिंह नेगी, शुभम बिष्ट और छात्र आदि शामिल थे।