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कैशलेस भुगतान से पंचायतों में आएगी पारदर्शिता
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सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायतों के माध्यम से होने वाले कार्यों से भ्रष्टाचार दूर कर पारदर्शिता लेने के लिए कैश लेस भुगतान की सुविधा शुरू कर दी है। अब ग्राम पंचायतों, ब्लाक और जिला पंचायत में भी मनरेगा की तर्ज पर पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेसियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से ही भुगतान होंगे।
सरकार ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये प्रत्येक वर्ष देती है, लेकिन विकास कार्यों को मिलने वाला बजट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। अब सरकार ने पंचायतों को मिलने वाले बजट का भुगतान केवल पीएफएमएस के माध्यम से करने की व्यवस्था की है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के हस्ताक्षर डिजिटल किए जा रहे हैं। अभी तक जिले के 1035 ग्राम पंचायतों में से साढ़े पांच सौ ग्राम प्रधानों, वीडीओ, सभी ब्लाक प्रमुख, बीडीओ समेत जिला पंचायत अध्यक्ष, एएमए के डिजिटल हस्ताक्षर करवा दिए हैं, जबकि अन्य पंचायतों के हस्ताक्षर डिजिटल करवाने का काम जारी है। पंचायत राज विभाग सभी पंचायतों को डोंगल दिए जा रहे हैं। मनरेगा की तर्ज पर सभी श्रमिकों, संबंधित फर्म को पीएफएमएस के माध्यम से उनके खातों में भुगतान किया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने से पंचायतों में विकास कार्यों में होने वाली गड़बड़ियों की आशंका समाप्त हो जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी आरएस असवाल का कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायतों में कैशलेस भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत से लेकर क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत को डोंगल उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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सरकार ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये प्रत्येक वर्ष देती है, लेकिन विकास कार्यों को मिलने वाला बजट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। अब सरकार ने पंचायतों को मिलने वाले बजट का भुगतान केवल पीएफएमएस के माध्यम से करने की व्यवस्था की है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के हस्ताक्षर डिजिटल किए जा रहे हैं। अभी तक जिले के 1035 ग्राम पंचायतों में से साढ़े पांच सौ ग्राम प्रधानों, वीडीओ, सभी ब्लाक प्रमुख, बीडीओ समेत जिला पंचायत अध्यक्ष, एएमए के डिजिटल हस्ताक्षर करवा दिए हैं, जबकि अन्य पंचायतों के हस्ताक्षर डिजिटल करवाने का काम जारी है। पंचायत राज विभाग सभी पंचायतों को डोंगल दिए जा रहे हैं। मनरेगा की तर्ज पर सभी श्रमिकों, संबंधित फर्म को पीएफएमएस के माध्यम से उनके खातों में भुगतान किया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने से पंचायतों में विकास कार्यों में होने वाली गड़बड़ियों की आशंका समाप्त हो जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी आरएस असवाल का कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायतों में कैशलेस भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत से लेकर क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत को डोंगल उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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