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डेढ़ साल से सड़क के मलबे से दबी है कांडी गांव की नहर
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किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास में जुटी सरकार के विभाग ही इस अभियान को पलीता लगा रहे हैं। मामला जाखणीधार ब्लाक के ग्राम कांडी का है, वहां सड़क बनाने के दौरान मलबे से दबी सिंचाई नहर की सफाई करने की मांग पर लोनिवि कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे ग्रामीण डेढ़ साल से करीब छह सौ नाली उपजाऊ जमीन की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। विभागीय कार्यप्रणाली से नाराज काश्तकारों ने नहर की सफाई होने तक फसल का मुआवजा देने की मांग की है।
जाखणीधार ब्लाक में पौखाल डिग्री कालेज से कांडी गांव होते हुए गेंवली के लिए दो साल पहले सड़क की कटिंग कराई गई थी। इस दौरान नव निर्मित सड़क के ठीक नीचे बनी सात-आठ सौ मीटर नहर मलबे से दब गई थी। तब से ही काश्तकार नहर से मलबा हटाकर पानी सुचारु कराने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन लोनिवि नहर से मलबा नहीं हटा रहा है।
प्रधान पूजा कुमाईं ने बताया कि लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी से लगातार पत्राचार करते हुए डेढ़ साल बीत गए हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी काश्तकारों की इस बड़ी समस्या को अनसुना करते आ रहे हैं। जिससे गांव के 40 से अधिक परिवार अपनी उपजाऊ जमीन पर गेहूं, धान, आलू और प्याज आदि की खेती नहीं कर पा रहे हैं। प्रधान ने बताया कि नहर बंद होने से वहां करीब डेढ़ सौ नाली पर लगाई गई कीमती रोजमेरी की पौध भी सूखने की कगार पर है। उन्होंने शीघ्र ही नहर की सफाई कर पानी सुचारु कराने की मांग की है। इस बाबत लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी के अधिशासी अभियंता दिनेश मोहन गुप्ता ने कहा कि अवर अभियंता से रिपोर्ट मांग कर नहर जल्द खोलने का प्रयास किया जाएगा।
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जाखणीधार ब्लाक में पौखाल डिग्री कालेज से कांडी गांव होते हुए गेंवली के लिए दो साल पहले सड़क की कटिंग कराई गई थी। इस दौरान नव निर्मित सड़क के ठीक नीचे बनी सात-आठ सौ मीटर नहर मलबे से दब गई थी। तब से ही काश्तकार नहर से मलबा हटाकर पानी सुचारु कराने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन लोनिवि नहर से मलबा नहीं हटा रहा है।
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प्रधान पूजा कुमाईं ने बताया कि लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी से लगातार पत्राचार करते हुए डेढ़ साल बीत गए हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी काश्तकारों की इस बड़ी समस्या को अनसुना करते आ रहे हैं। जिससे गांव के 40 से अधिक परिवार अपनी उपजाऊ जमीन पर गेहूं, धान, आलू और प्याज आदि की खेती नहीं कर पा रहे हैं। प्रधान ने बताया कि नहर बंद होने से वहां करीब डेढ़ सौ नाली पर लगाई गई कीमती रोजमेरी की पौध भी सूखने की कगार पर है। उन्होंने शीघ्र ही नहर की सफाई कर पानी सुचारु कराने की मांग की है। इस बाबत लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी के अधिशासी अभियंता दिनेश मोहन गुप्ता ने कहा कि अवर अभियंता से रिपोर्ट मांग कर नहर जल्द खोलने का प्रयास किया जाएगा।
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