{"_id":"61952d56d2efa7220c00b7f7","slug":"bjp-and-congress-lack-policies-diwakar-new-tehri-news-drn3963550101","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा और कांग्रेस के पास नीतियों का अभाव : दिवाकर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा और कांग्रेस के पास नीतियों का अभाव : दिवाकर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उक्रांद के सम्मेलन में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने और भू-कानून लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। उक्रांद नेताओं ने भाजपा और कांग्रेस पर राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को लूटने का आरोप लगाया। प्रदेश सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रोजगार और स्वरोजगार के लिए सरकार के पास नीतियों का अभाव है।
मौलधार में बुधवार को उक्रांद का सम्मेलन आयोजित किया गया। पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट ने कहा कि अलग राज्य की लड़ाई पहाड़ के लोगों ने जिस उद्देश्य से लड़ी थी, वह 20 वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो पाया। राज्य के लोगों को स्थायी राजधानी नहीं मिल पाई है, लोग हताशा और निराश हैं। भाजपा और कांग्रेस की नजरें सिर्फ राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर लगी हुई है।
पूर्व अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि रोजगार के अभाव में गांवों से लगातार पलायन बढ़ता जा रहा है। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाओं को 50 से लेकर 100 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। दल के संरक्षक बीडी रतूड़ी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस की सरकारें पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई है, जिससे पहाड़ के लोगों को आज भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी व पूर्व सभासद उर्मिला महर ने पार्टी की सदस्यता ली। इस मौके पर मौके पर जिलाध्यक्ष विजय पंवार, प्रमिला रावत, वीर चंद रमोला, शकुंतला रावत, शांति प्रसाद भट्ट, उत्तम पुंडीर, सुलोचना पंत, धनवीर गुसाईं, सरदार सिंह पुंडीर, कमलदास, जयप्रकाश उपाध्याय, मोहन सिंह, केएस राणा, सुनील नेगी, खुशवीर चौहान आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौलधार में बुधवार को उक्रांद का सम्मेलन आयोजित किया गया। पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट ने कहा कि अलग राज्य की लड़ाई पहाड़ के लोगों ने जिस उद्देश्य से लड़ी थी, वह 20 वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो पाया। राज्य के लोगों को स्थायी राजधानी नहीं मिल पाई है, लोग हताशा और निराश हैं। भाजपा और कांग्रेस की नजरें सिर्फ राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर लगी हुई है।
विज्ञापन
पूर्व अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि रोजगार के अभाव में गांवों से लगातार पलायन बढ़ता जा रहा है। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाओं को 50 से लेकर 100 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। दल के संरक्षक बीडी रतूड़ी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस की सरकारें पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई है, जिससे पहाड़ के लोगों को आज भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी व पूर्व सभासद उर्मिला महर ने पार्टी की सदस्यता ली। इस मौके पर मौके पर जिलाध्यक्ष विजय पंवार, प्रमिला रावत, वीर चंद रमोला, शकुंतला रावत, शांति प्रसाद भट्ट, उत्तम पुंडीर, सुलोचना पंत, धनवीर गुसाईं, सरदार सिंह पुंडीर, कमलदास, जयप्रकाश उपाध्याय, मोहन सिंह, केएस राणा, सुनील नेगी, खुशवीर चौहान आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन