लंबे समय से 12 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलित आशा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी सीएमओ का घेराव कर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि स्वास्थ्य विभाग कार्यकर्ताओं की मांगों को शासन तक पहुंचाने में नाकाम है। उन्होंने कहा कि अब कार्यालय के अंदर ही धरना दिया जाएगा। सीएमओ ने समस्याओं के संबंध में महानिदेशक को अवगत कराने का भरोसा दिया।
मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी सीएमओ डा. एलडी सेमवाल का घेराव का समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि दो अगस्त से सरकारी कर्मचारी घोषित कर न्यूनतम वेतन 21 हजार देने, सेवानिवृत्ति पर पेंशन, दुर्घटना पर एक मुश्त पैकेज, सीएम की घोषणा के अनुसार भत्ता तत्काल उनके खातों में डालने, कोविड ड्यूटी में लगे आशा वर्करों का 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा, मृत्यु पर 50 लाख का बीमा, चार लाख की अनुग्रह राशि देने समेत 12 सूत्री समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर आंदोलित है, लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। संगठन की जिलाध्यक्ष गीता नेगी, पूर्व अध्यक्ष आशा भट्ट ने बताया कि विभाग उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने में नाकाम रहा है। इस मौके पर कुसुम सलोनी, ममता लेखवार, सरिता रावत, उषा देवी, अनीता, उर्मिला, लक्ष्मी रमोला, ममता, रजनी, अंजना, सावित्री, सीता, शशिभूषण भट्ट, सागर भंडारी मौजूद थे।