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Tehri News: दो करोड़ खर्च करने के बाद अब आयुष अस्पताल के लिए नई जगह की तलाश
Wed, 25 Sep 2024 05:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 25 Sep 2024 05:18 PM IST
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नई टिहरी। जाखणीधार ब्लॉक के लामरीधार में आयुष अस्पताल निर्माण के नाम पर लगभग दो करोड़ खर्च करने के बाद अब आयुर्वेदिक विभाग ने नए स्थानों पर भूमि चयन की कवायद शुरू कर दी है।
लामरीधार में अस्पताल निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि नहीं मिलने और वन अधिनियम आड़े आने से पिछले दो साल से निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ था। ऐसी स्थिति में अस्पताल निर्माण के लिए स्वीकृत 15 करोड़ की धनराशि का बजट और अधिक बढ़ सकता है। लामरीधार में 2018 में आयुष अस्पताल निर्माण की स्वीकृति मिली थी।
100 बेड के इस अस्पताल के निर्माण को केंद्र सरकार से 15 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था। कार्यदायी संस्था यूपी पेयजल निगम ने लामरीधार में साइट डेवलपमेंट कार्य कर लगभग दो करोड़ खर्च कर निर्माण पूरा करने से हाथ खड़े कर दिए थे। कार्यदायी संस्था का कहना था कि निर्माण स्थल पर महज सात नाली भूमि ही उपलब्ध हो पाई, जबकि अस्पताल के लिए न्यूनतम 20 नाली भूमि की आवश्यकता है। इसके बाद निर्माण एजेंसी बदलकर पेयजल संसाधन निर्माण इकाई चंबा को कार्य दिया गया। वहां आसपास राजस्व भूमि पर पेड़ अधिक होने का हवाला देकर उन्होंने भी काम अधर में छोड़ दिया।
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इसके बाद विधायक किशोर उपाध्याय ने मामले में पैरवी करते हुए नए स्थान पर अस्पताल बनाने की कवायद की। बीते दिन आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आरपी सिंह, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुभाष चंद और कार्यदायी संस्थान पेयजल संसाधन निर्माण इकाई चंबा के प्रोजेक्ट मैनेजर सौरभ कुमार शर्मा ने जाखणीधार के पास कोटी खास गांव में आयुष अस्पताल के लिए विधायक उपाध्याय की देखरेख में भूमि का निरीक्षण किया।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुभाष चंद का कहना है कि छमुंड, गोदमु और कोटी खास में अस्पताल निर्माण के लिए जमीन देखी गई है, जिसमें कोटी खास में पर्याप्त मात्रा में भूमि मिली है। वहां के लोग अपनी भूमि विभाग को देने को तैयार हैं। सभी स्थानों का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा जाएगा, जिसके बाद स्वीकृति मिलते ही अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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लामरीधार में अस्पताल निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि नहीं मिलने और वन अधिनियम आड़े आने से पिछले दो साल से निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ था। ऐसी स्थिति में अस्पताल निर्माण के लिए स्वीकृत 15 करोड़ की धनराशि का बजट और अधिक बढ़ सकता है। लामरीधार में 2018 में आयुष अस्पताल निर्माण की स्वीकृति मिली थी।
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100 बेड के इस अस्पताल के निर्माण को केंद्र सरकार से 15 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था। कार्यदायी संस्था यूपी पेयजल निगम ने लामरीधार में साइट डेवलपमेंट कार्य कर लगभग दो करोड़ खर्च कर निर्माण पूरा करने से हाथ खड़े कर दिए थे। कार्यदायी संस्था का कहना था कि निर्माण स्थल पर महज सात नाली भूमि ही उपलब्ध हो पाई, जबकि अस्पताल के लिए न्यूनतम 20 नाली भूमि की आवश्यकता है। इसके बाद निर्माण एजेंसी बदलकर पेयजल संसाधन निर्माण इकाई चंबा को कार्य दिया गया। वहां आसपास राजस्व भूमि पर पेड़ अधिक होने का हवाला देकर उन्होंने भी काम अधर में छोड़ दिया।
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इसके बाद विधायक किशोर उपाध्याय ने मामले में पैरवी करते हुए नए स्थान पर अस्पताल बनाने की कवायद की। बीते दिन आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आरपी सिंह, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुभाष चंद और कार्यदायी संस्थान पेयजल संसाधन निर्माण इकाई चंबा के प्रोजेक्ट मैनेजर सौरभ कुमार शर्मा ने जाखणीधार के पास कोटी खास गांव में आयुष अस्पताल के लिए विधायक उपाध्याय की देखरेख में भूमि का निरीक्षण किया।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुभाष चंद का कहना है कि छमुंड, गोदमु और कोटी खास में अस्पताल निर्माण के लिए जमीन देखी गई है, जिसमें कोटी खास में पर्याप्त मात्रा में भूमि मिली है। वहां के लोग अपनी भूमि विभाग को देने को तैयार हैं। सभी स्थानों का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा जाएगा, जिसके बाद स्वीकृति मिलते ही अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।