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एक एक्सरे कराने के लिए नापनी पड़ रही 80 किमी की दूरी
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टिहरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंड लंबगांव, प्रतापनगर, मदननेगी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी में एक्स-रे मशीन केवल शोपीस बनकर रह गई है क्योंकि यहां टेक्नीशियन की तैनाती नहीं की गई। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को एक्सरे कराने के लिए 70 से 80 किमी का लंबा सफर तय कर जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में 85 रुपये में होने वाले एक्सरे की कीमत मरीज को बाहर 400 से 500 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंड लंबगांव, प्रतापनगर, मदननेगी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी के लिए लाखों रुपये की एक्सरे मशीन स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी 2021 में खरीदी थी लेकिन चारों अस्पतालों में एक्सरे मशीन बंद कमरे में धूल फांक रही है। ग्रामीण क्षेत्र के इन अस्पतालों में दूर-दराज गांवों से प्रतिदिन लगभग 350 से अधिक लोग स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचते हैं लेकिन प्रतापनगर क्षेत्र के किसी भी प्राइवेट अस्पताल में एक्सरे की सुविधा नहीं है। पिलखी अस्पताल के मरीजों को एक्स-रे के लिए 20 किमी दूर बेलेश्वर या 60 किमी नई टिहरी की दूरी तय करनी पड़ती है। जिला अस्पताल बौराड़ी में एक दिन में अधिकतम 50 एक्सरे करने की सुविधा है। वेटिंग अधिक होने के कारण जिला अस्पताल में आने वाले लोगों के सामने एक्स-रे प्राइवेट सेंटरों पर कराने की मजबूरी बनी रहती है। इसके लिए लोगों को सरकारी अस्पताल में कम रुपये में होने वाले एक्सरे के बाहर पांच से छह गुना अधिक दाम चुकाने पड़ रहे है। गांव से जिला मुख्यालय पहुंचने में दिन का समय बर्बाद करना पड़ता है।
कोट
चौंड लंबगांव, प्रतापनगर, मदननेगी और पिलखी अस्पताल में और एक्स-रे मशीन उपलब्ध हैं। इनको चलाने के लिए आउट सोर्सिंग एजेंसी को टेक्नीशियन की तैनाती की डिमांड भेजी गई है। कब तक तैनाती होगी इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। - डा. संजय जैन, सीएमओ टिहरी।
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इनसेट
11 पदों के सापेक्ष सिर्फ तीन टेक्नीशियन कार्यरत
टिहरी जिले के अस्पतालों में एक्स-रे टेक्नीशियन के 11 पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में सिर्फ तीन ही एक्स-रे टेक्नीशियन कार्यरत हैं। जिला अस्पताल बौराड़ी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर और देवप्रयाग पीपीपी मोड पर संचालित हो रहे हैं। उक्त तीनों अस्पतालों में एक्स-रे तकनीशियन तैनात है जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी में एक्स-रे मशीन खरीद ली गई है लेकिन वहां अभी तक एक्स-रे तकनीशियन का पद ही स्वीकृत नहीं है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंड लंबगांव, प्रतापनगर, मदननेगी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी के लिए लाखों रुपये की एक्सरे मशीन स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी 2021 में खरीदी थी लेकिन चारों अस्पतालों में एक्सरे मशीन बंद कमरे में धूल फांक रही है। ग्रामीण क्षेत्र के इन अस्पतालों में दूर-दराज गांवों से प्रतिदिन लगभग 350 से अधिक लोग स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचते हैं लेकिन प्रतापनगर क्षेत्र के किसी भी प्राइवेट अस्पताल में एक्सरे की सुविधा नहीं है। पिलखी अस्पताल के मरीजों को एक्स-रे के लिए 20 किमी दूर बेलेश्वर या 60 किमी नई टिहरी की दूरी तय करनी पड़ती है। जिला अस्पताल बौराड़ी में एक दिन में अधिकतम 50 एक्सरे करने की सुविधा है। वेटिंग अधिक होने के कारण जिला अस्पताल में आने वाले लोगों के सामने एक्स-रे प्राइवेट सेंटरों पर कराने की मजबूरी बनी रहती है। इसके लिए लोगों को सरकारी अस्पताल में कम रुपये में होने वाले एक्सरे के बाहर पांच से छह गुना अधिक दाम चुकाने पड़ रहे है। गांव से जिला मुख्यालय पहुंचने में दिन का समय बर्बाद करना पड़ता है।
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चौंड लंबगांव, प्रतापनगर, मदननेगी और पिलखी अस्पताल में और एक्स-रे मशीन उपलब्ध हैं। इनको चलाने के लिए आउट सोर्सिंग एजेंसी को टेक्नीशियन की तैनाती की डिमांड भेजी गई है। कब तक तैनाती होगी इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। - डा. संजय जैन, सीएमओ टिहरी।
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11 पदों के सापेक्ष सिर्फ तीन टेक्नीशियन कार्यरत
टिहरी जिले के अस्पतालों में एक्स-रे टेक्नीशियन के 11 पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में सिर्फ तीन ही एक्स-रे टेक्नीशियन कार्यरत हैं। जिला अस्पताल बौराड़ी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर और देवप्रयाग पीपीपी मोड पर संचालित हो रहे हैं। उक्त तीनों अस्पतालों में एक्स-रे तकनीशियन तैनात है जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी में एक्स-रे मशीन खरीद ली गई है लेकिन वहां अभी तक एक्स-रे तकनीशियन का पद ही स्वीकृत नहीं है।