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Tehri News: 33 परिवारों पर मंडरा रहा है खतरा, जर्जर हुए मकानों में रहना मुश्किल
Wed, 28 Jan 2026 06:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 28 Jan 2026 06:33 PM IST
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खतरे की जद में आए थार्ती नैलचामी गांव के प्रभावितों काे कब मिलेगी जमीन
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के थार्ती नैलचामी गांव में वर्ष 2022 से भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। गांव के नीचे लगातार हो रहे भू-धंसाव के कारण खतरा बढ़ता जा रहा है। खतरे को देखते हुए गांव के 33 परिवारों के पुनर्वास की प्रशासनिक स्वीकृति के बावजूद अभी तक उनका विस्थापन नहीं हो पाया है जिससे ग्रामीणों को खतरों के साए में रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि शीघ्र जमीन तलाश कर प्रभवितों को आवंटित करें।
थार्ती नैलचामी के ग्रामीण पिछले तीन साल से खतरों के साए में रहने को मजबूर हैं। वर्ष 2022 में हुई भारी बारिश के कारण गांव के नीचे से भूधंसाव शुरू हो गया था, जो हर साल बढ़कर ग्रामीणों के मकानों तक पहुंचने लगा है। इस कारण गांव के 33 परिवारों के आवासीय मकान काफी जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। वहां खतरा इतना बढ़ गया है, कि हल्की बारिश होने पर खतरे की जद में आए परिवारों को प्राथमिक स्कूल भवन में शिफ्ट करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि गांव के लिए लगातार बढ़ रहे खतरे को देखते हुए 33 परिवारों के विस्थापन की स्वीकृति प्रदान की गई थी, लेकिन अभी तक तहसील प्रशासन उनके लिए सुरक्षित जमीन नहीं तलाश पाया है जिससे आपदा प्रभावित जर्जर हो चुके मकानों में रहने को मजबूर हैं।
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इस बावत एसडीएम अलकेश नौडियाल ने कहा कि प्रभावितों के लिए उपयुक्त जमीन मिलते ही आवंटन की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। बावजूद कोई परिवार स्वयं जमीन खरीदता है तो उसके बदले अतिरिक्त धनराशि प्रदान की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में प्रधान विकास बिष्ट, यशवंत गुसाईं और सुरेश लाल आदि शामिल थे।
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घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के थार्ती नैलचामी गांव में वर्ष 2022 से भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। गांव के नीचे लगातार हो रहे भू-धंसाव के कारण खतरा बढ़ता जा रहा है। खतरे को देखते हुए गांव के 33 परिवारों के पुनर्वास की प्रशासनिक स्वीकृति के बावजूद अभी तक उनका विस्थापन नहीं हो पाया है जिससे ग्रामीणों को खतरों के साए में रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि शीघ्र जमीन तलाश कर प्रभवितों को आवंटित करें।
थार्ती नैलचामी के ग्रामीण पिछले तीन साल से खतरों के साए में रहने को मजबूर हैं। वर्ष 2022 में हुई भारी बारिश के कारण गांव के नीचे से भूधंसाव शुरू हो गया था, जो हर साल बढ़कर ग्रामीणों के मकानों तक पहुंचने लगा है। इस कारण गांव के 33 परिवारों के आवासीय मकान काफी जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। वहां खतरा इतना बढ़ गया है, कि हल्की बारिश होने पर खतरे की जद में आए परिवारों को प्राथमिक स्कूल भवन में शिफ्ट करना पड़ता है।
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ग्रामीणों ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि गांव के लिए लगातार बढ़ रहे खतरे को देखते हुए 33 परिवारों के विस्थापन की स्वीकृति प्रदान की गई थी, लेकिन अभी तक तहसील प्रशासन उनके लिए सुरक्षित जमीन नहीं तलाश पाया है जिससे आपदा प्रभावित जर्जर हो चुके मकानों में रहने को मजबूर हैं।
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इस बावत एसडीएम अलकेश नौडियाल ने कहा कि प्रभावितों के लिए उपयुक्त जमीन मिलते ही आवंटन की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। बावजूद कोई परिवार स्वयं जमीन खरीदता है तो उसके बदले अतिरिक्त धनराशि प्रदान की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में प्रधान विकास बिष्ट, यशवंत गुसाईं और सुरेश लाल आदि शामिल थे।