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25 युवक-युवतियां लेंगे कयाकिंग का प्रशिक्षण
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टिहरी झील में साहसिक खेलों का प्रशिक्षण शुरू होने का सपना साकार होने जा रहा है। आईटीबीपी 22 मार्च से एवरेस्ट विजेता दिनेश रावत साहसिक खेल अकादमी में कयाकिंग का प्रशिक्षण शुरू करने जा रही है। प्रशिक्षित जवान पहले चरण में 25 युवक-युवतियों को 15-15 दिन का प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद अन्य साहसिक खेलों के क्षेत्र में भी युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
टिहरी झील किनारे 2015-16 में 20 करोड़ की लागत से साहसिक खेल अकादमी बनी थी। अकादमी में एरो एडवेंचर, वाटर एडवेंचर, लैंड एडवेंचर का प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित था। प्रशिक्षण देने के लिए पर्यटन विभाग ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स गोवा, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी से लेकर कई अन्य संस्थानों से संपर्क कर पीपीपी मोड पर अकादमी के संचालन के प्रयास किए, लेकिन पर्यटन विभाग को पार्टनर नहीं मिल पाया। जिसके चलते छह साल बाद भी अकादमी में प्रशिक्षण गतिविधियों शुरू नहीं हो पाई। बावजूद सरकार ने सितंबर 2020 में अकादमी के संचालन को आईटीबीपी से एमओयू किया था, लेकिन इस बीच जिला प्रशासन ने कोरोना काल में अकादमी को क्वारंटीन सेंटर बना दिया था। जिससे आईटीबीपी प्रशिक्षण शुरू नहीं कर पाई।
अब आईटीबीपी 22 मार्च से प्रशिक्षण गतिविधियां शुरू कर रही है। साहसिक खेल विभाग के सहयोग से पहले चरण में 25 युवक-युवतियों का चयन प्रशिक्षण के लिए किया गया है। जिन्हें शुरूआती दौर में कयाकिंग का 15-15 दिन का प्रशिक्षण दिया जा जाएगा। इसके बाद केनाईंग, वाटर सेलिंग, पैरा सिलिंग, पैराग्लाइडिंग, वाटर रेस्क्यू, वाटर सेविंग आदि कोर्स भी शुरू होंगे। कमांडेंट बलवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। प्रशिक्षण के लिए चयनित स्थानीय युवाओं की सूची आईटीबीपी को सौंपी गई है।
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टिहरी झील किनारे 2015-16 में 20 करोड़ की लागत से साहसिक खेल अकादमी बनी थी। अकादमी में एरो एडवेंचर, वाटर एडवेंचर, लैंड एडवेंचर का प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित था। प्रशिक्षण देने के लिए पर्यटन विभाग ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स गोवा, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी से लेकर कई अन्य संस्थानों से संपर्क कर पीपीपी मोड पर अकादमी के संचालन के प्रयास किए, लेकिन पर्यटन विभाग को पार्टनर नहीं मिल पाया। जिसके चलते छह साल बाद भी अकादमी में प्रशिक्षण गतिविधियों शुरू नहीं हो पाई। बावजूद सरकार ने सितंबर 2020 में अकादमी के संचालन को आईटीबीपी से एमओयू किया था, लेकिन इस बीच जिला प्रशासन ने कोरोना काल में अकादमी को क्वारंटीन सेंटर बना दिया था। जिससे आईटीबीपी प्रशिक्षण शुरू नहीं कर पाई।
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अब आईटीबीपी 22 मार्च से प्रशिक्षण गतिविधियां शुरू कर रही है। साहसिक खेल विभाग के सहयोग से पहले चरण में 25 युवक-युवतियों का चयन प्रशिक्षण के लिए किया गया है। जिन्हें शुरूआती दौर में कयाकिंग का 15-15 दिन का प्रशिक्षण दिया जा जाएगा। इसके बाद केनाईंग, वाटर सेलिंग, पैरा सिलिंग, पैराग्लाइडिंग, वाटर रेस्क्यू, वाटर सेविंग आदि कोर्स भी शुरू होंगे। कमांडेंट बलवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। प्रशिक्षण के लिए चयनित स्थानीय युवाओं की सूची आईटीबीपी को सौंपी गई है।
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