{"_id":"5cd1b80dbdec2207382f9ac8","slug":"155724807414-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढाई करोड़ की मरीना खतरे की जद में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढाई करोड़ की मरीना खतरे की जद में
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई टिहरी। टिहरी झील में पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। करोड़ों की बार्ज बोट और फ्लोटिंग मरीना (चलता-फिरता रेस्टोरेंट) लावारिस स्थिति में पड़े हुए हैं। मंगलवार सुबह झील का जलस्तर कम होने पर ढाई करोड़ की फ्लोटिंग मरीना झील में समाने से बाल-बाल बच गया। मरीना का एक हिस्सा टेढ़ा होकर झील के पानी में समा गया है।
टिहरी झील में पर्यटकों को लुभाने के लिए पर्यटन विभाग ने झील किनारे करोड़ों की योजनाएं बनाई है। ढाई करोड़ की लागत से बनी फ्लोटिंग मरीना और बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर के लोगों की आवाजाही के लिए दो करोड़ 17 लाख की लागत से तैयार बार्ज बोट पिछले चार साल से झील किनारे संचालन की राह ताक रही है। पीपीपी मोड पर फ्लोटिंग मरीना और बार्ज बोट का संचालन होना था, लेकिन पर्यटन विभाग को दोनों योजनाओं के संचालन शुरू करने के लिए प्राइवेट पार्टनर नहीं मिल पा रहा है।
कोटी कालोनी में झील किनारे खड़े फ्लोटिंग मरीना का एक हिस्सा मंगलवार सुबह टेढ़ा होकर पानी के अंदर समा गया था। मरीना के टेढ़ा होने की जानकारी मिलते ही पर्यटन विभाग और टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन प्राधिकरण के अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। मौके पर पहुंचकर विभागीय अधिकारियों ने डूबे मरीना को खींचकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया।
विज्ञापन
झील का जलस्तर कम होने से मरीना का एक हिस्सा टेढ़ा होकर झील के अंदर डूब गया है। हो सकता है मरीना के अंदर पानी लीकेज होने से वह टेढ़ा होकर आधा हिस्सा झील में घुसा होगा। कितना नुकसान हुआ है यह तकनीकी विशेष ही बता सकते हैं।
-अजयवीर सिंह, एसीईओ, टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन प्राधिकरण
विज्ञापन
टिहरी झील में पर्यटकों को लुभाने के लिए पर्यटन विभाग ने झील किनारे करोड़ों की योजनाएं बनाई है। ढाई करोड़ की लागत से बनी फ्लोटिंग मरीना और बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर के लोगों की आवाजाही के लिए दो करोड़ 17 लाख की लागत से तैयार बार्ज बोट पिछले चार साल से झील किनारे संचालन की राह ताक रही है। पीपीपी मोड पर फ्लोटिंग मरीना और बार्ज बोट का संचालन होना था, लेकिन पर्यटन विभाग को दोनों योजनाओं के संचालन शुरू करने के लिए प्राइवेट पार्टनर नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
कोटी कालोनी में झील किनारे खड़े फ्लोटिंग मरीना का एक हिस्सा मंगलवार सुबह टेढ़ा होकर पानी के अंदर समा गया था। मरीना के टेढ़ा होने की जानकारी मिलते ही पर्यटन विभाग और टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन प्राधिकरण के अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। मौके पर पहुंचकर विभागीय अधिकारियों ने डूबे मरीना को खींचकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया।
विज्ञापन
झील का जलस्तर कम होने से मरीना का एक हिस्सा टेढ़ा होकर झील के अंदर डूब गया है। हो सकता है मरीना के अंदर पानी लीकेज होने से वह टेढ़ा होकर आधा हिस्सा झील में घुसा होगा। कितना नुकसान हुआ है यह तकनीकी विशेष ही बता सकते हैं।
-अजयवीर सिंह, एसीईओ, टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन प्राधिकरण