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सड़क से बनने से ग्रामीणों में आक्रोश
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घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लाक के जमोलना और जंदरूवाली गांव को लंबे समय से सड़क सुविधा से न जुड़ने से नाराज ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। कहा कि सड़क न होने के कारण ग्रामीण पांच किमी पैदल नापने को मजबूर हैं।
भिलंगना ब्लाक के भिलंग और ग्यारहगांव पट्टी के दर्जनों गांव को जोडने के लिए वर्ष 1994-95 में मैगाधार-भेटी-पोखार-जमोलना 11 किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। लोनिवि मैगाधार से भेटी तक करीब पांच किमी सड़क का निर्माण कर चुका है, लेकिन इससे आगे की सड़क का निर्माण शुरू नही हो पाया है। जिससे जमोलना, जंदरूवाली गांव की पांच सौ की आबादी चार से पांच किमी पैदल चलने को मजबूर बनी हुई है। साथ ही भिलंग और ग्यारहगांव पट्टी की 20 हजार की आबादी एक-दूसरे गांव में जाने के लिए 40 से 50 किमी का अतिरिक्त सफर कर रहे हं। ग्रामीण विनय लक्ष्मी सेमवाल, तेजराम सेमवाल, महेशानंद ने बताया कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। अभिभाजित यूपी से लेकर राज्य बनने के बाद कई मुख्यमंत्रियों ने सड़क निर्माण का आश्वासन दिया है। बावजूद सड़क नहीं बनी।
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भिलंगना ब्लाक के भिलंग और ग्यारहगांव पट्टी के दर्जनों गांव को जोडने के लिए वर्ष 1994-95 में मैगाधार-भेटी-पोखार-जमोलना 11 किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। लोनिवि मैगाधार से भेटी तक करीब पांच किमी सड़क का निर्माण कर चुका है, लेकिन इससे आगे की सड़क का निर्माण शुरू नही हो पाया है। जिससे जमोलना, जंदरूवाली गांव की पांच सौ की आबादी चार से पांच किमी पैदल चलने को मजबूर बनी हुई है। साथ ही भिलंग और ग्यारहगांव पट्टी की 20 हजार की आबादी एक-दूसरे गांव में जाने के लिए 40 से 50 किमी का अतिरिक्त सफर कर रहे हं। ग्रामीण विनय लक्ष्मी सेमवाल, तेजराम सेमवाल, महेशानंद ने बताया कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। अभिभाजित यूपी से लेकर राज्य बनने के बाद कई मुख्यमंत्रियों ने सड़क निर्माण का आश्वासन दिया है। बावजूद सड़क नहीं बनी।
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