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20 साल के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एक साथ मांगेंगे वोट

Tue, 26 Mar 2019 09:26 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 26 Mar 2019 09:26 PM IST
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20 साल के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एक साथ मांगेंगे वोट
नई टिहरी। टिहरी से पांच बार के लोकसभा चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरने वाले राज परिवार और विजय बहुगुणा परिवार इस चुनाव में आमने सामने नहीं होंगे। वर्ष 1999 से लेकर (2009 के लोकसभा चुनाव को छोड़कर) 2014 तक बहुगुणा और राज परिवार के बीच लगातार चुनावी मुकाबला होता रहा, लेकिन बदली राजनीतिक परिस्थितियों में बहुगुणा परिवार चुनाव मैदान से दूर है।
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टिहरी लोकसभा के चुनाव में वर्ष 1999 में भाजपा के सांसद रहे स्व. महाराजा मानवेंद्र शाह से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर पूर्व सीएम विजय बहुगुणा का मुकाबला हुआ था, जिसमें स्व. मानवेंद्र शाह ने विजय बहुगुणा को हरा दिया था। इसके बाद 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में भी स्व. महाराज भाजपा से और विजय बहुगुणा कांग्रेस से चुनाव लड़े। लेकिन इस चुनाव में भी स्व. महाराजा ने बहुगुणा को मात देकर लोकसभा पहुंचे। बावजूद 2007 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महाराज मानवेंद्र शाह का निधन हो गया। इसके बाद विधानसभा चुनाव के साथ हुए लोकसभा के उपचुनाव में भाजपा ने महाराजा के पुत्र मनुजयेंद्र शाह को चुनाव में उतारा, तो कांग्रेस ने फिर से विजय बहुगुणा को मैदान में उतारा। बहुगुणा ने मनुजयेंद्र को शिकस्त देकर लोकसभा उप चुनाव जीता। 2009 के लोकसभा चुनाव में राज परिवार को कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ा। उस समय विजय बहुगुणा ने भाजपा प्रत्याशी रहे शूटर जसपाल राणा को हराया, लेकिन 2012 में बहुगुणा के सीएम बनने के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद हुए उपचुनाव में भाजपा ने राज परिवार की महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह और कांग्रेस ने विजय बहुगुणा के पुत्र साकेत बहुगुणा को चुनाव में उतारा। माला राज्यलक्ष्मी शाह ने साकेत को उपचुनाव में हरा दिया। फिर 2014 के आम चुनाव में भाजपा से माला राज्यलक्ष्मी शाह और कांग्रेस से साकेत बहुगुणा चुनावी समर में उतरे। 2014 में भी शाह ने फिर से साकेत बहुगुणा को हराकर लोकसभा पहुंची, लेकिन अब बदली राजनीतिक परिस्थितियों में पूर्व सीएम विजय बहुगुणा समेत, उनके पुत्र साकेत बहुगुणा भाजपा में है। विजय बहुगुणा के कई प्रयास के बाद भी वह भाजपा से लोकसभा का टिकट नही ला पाए। भाजपा ने वर्तमान सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह को दे दिया है, जबकि कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को टिहरी से प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में 20 साल से पांच बार के चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक चुके बहुगुणा और राज परिवार एक साथ वोट मांगते नजर आएंगे।
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