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श्रमिकों की पुत्री की शादी को मिलेगे एक लाख रुपये सहायता
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नई टिहरी। सरकार की ओर से गठित भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने श्रमिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की है, लेकिन जागरूकता के अभाव में जिले में केवल 11 हजार श्रमिक ही पंजीकृत हो पाए हैं।
सरकार ने श्रमिकों को कई सुविधाएं देने के उद्देश्य से 2005-06 में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का गठन किया था। बोर्ड ने वर्ष 2014-15 में श्रमिकों के कल्याण के 18 महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की है, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में अधिकांश श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी नहीं है। योजनाओं का लाभ लेने के लिए 18 से 60 वर्ष के श्रमिक का श्रम विभाग में पंजीकरण होना चाहिए। साथ ही एक साल में न्यूनतम 90 दिन काम करना जरूरी है। योजनाओं में श्रमिक की दुर्घटना में मौत पर तीन से पांच लाख रुपये पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, 60 साल के बाद 15 सौ पेंशन, पुत्री की शादी हेतु एक लाख रुपये, पुत्री के जन्म पर 25 हजार, पुत्र के जन्म पर 15 हजार, दुर्घटना में दिव्यांग होने पर 40 हजार की सहायता, एक हजार पेंशन, बच्चों की शिक्षा को दो सौ से लेकर 25 सौ छात्रवृत्ति, मेडिकल, इंजीनियरिंग को निशुल्क कोचिंग, मकान खरीदने को ऋण, सिलाई मशीन, टूल किट, सोलर लाइट, साइकिल, छाता, जुते आदि सुविधाएं दी जाती है। जिले में एक लाख 48 हजार 783 मनरेगा के ही जॉब कार्ड धारक है, जबकि विभिन्न निर्माण कार्यों में भी बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत है।
श्रमिकों के लिए करीब 18 महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू हुई है। वर्तमान में करीब 11 हजार श्रमिक विभाग में पंजीकृत है, जिनमें से चार हजार श्रमिक लाभ ले चुके हैं। श्रमिकों को विभाग में पंजीकरण करवाकर लाभ लेना चाहिए।
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-आरएस रांगड़, जिला श्रम पवर्तन अधिकारी टिहरी।
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सरकार ने श्रमिकों को कई सुविधाएं देने के उद्देश्य से 2005-06 में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का गठन किया था। बोर्ड ने वर्ष 2014-15 में श्रमिकों के कल्याण के 18 महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की है, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में अधिकांश श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी नहीं है। योजनाओं का लाभ लेने के लिए 18 से 60 वर्ष के श्रमिक का श्रम विभाग में पंजीकरण होना चाहिए। साथ ही एक साल में न्यूनतम 90 दिन काम करना जरूरी है। योजनाओं में श्रमिक की दुर्घटना में मौत पर तीन से पांच लाख रुपये पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, 60 साल के बाद 15 सौ पेंशन, पुत्री की शादी हेतु एक लाख रुपये, पुत्री के जन्म पर 25 हजार, पुत्र के जन्म पर 15 हजार, दुर्घटना में दिव्यांग होने पर 40 हजार की सहायता, एक हजार पेंशन, बच्चों की शिक्षा को दो सौ से लेकर 25 सौ छात्रवृत्ति, मेडिकल, इंजीनियरिंग को निशुल्क कोचिंग, मकान खरीदने को ऋण, सिलाई मशीन, टूल किट, सोलर लाइट, साइकिल, छाता, जुते आदि सुविधाएं दी जाती है। जिले में एक लाख 48 हजार 783 मनरेगा के ही जॉब कार्ड धारक है, जबकि विभिन्न निर्माण कार्यों में भी बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत है।
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श्रमिकों के लिए करीब 18 महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू हुई है। वर्तमान में करीब 11 हजार श्रमिक विभाग में पंजीकृत है, जिनमें से चार हजार श्रमिक लाभ ले चुके हैं। श्रमिकों को विभाग में पंजीकरण करवाकर लाभ लेना चाहिए।
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-आरएस रांगड़, जिला श्रम पवर्तन अधिकारी टिहरी।