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सीएससी सेंटरों पर महीनेभर से नहीं बन रहे प्रमाणपत्र
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फाइल फोटो
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नई टिहरी। सरकार डिजिटल इंडिया का ढिंढोरा पीटकर सभी सेवाएं ऑनलाइन करने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि करीब महीनेभर से कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) पर ऑनलाइन प्रमाणपत्र बनाने का कार्य ठप पड़ा है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं के फार्म भरने वाले बेरोजगार युवाओं और आयुष्मान भारत के गोल्डन कार्ड बनाने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ई-गवर्नेंस के तहत सरकार ने जिला, तहसील और न्याय पंचायत स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर खोले हैं। इन केंद्रों पर राजस्व विभाग के मूल व स्थायी निवास, जाति, आय, आश्रित, हैसियत, चरित्र प्रमाण पत्र बनाने के अलावा जन्म-मृत्यु और सेवायोजन पंजीकरण कराने के साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, फूड लाइसेंस, बीमा और बिजली-पानी के बिल भी ऑन लाइन जमा कराने को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि कि सीएससी सेंटरों पर यह सब काम एक माह से भी अधिक समय से ठप पड़ा है, जिससे जरूरतमंदों के प्रमाण पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं। क्षेत्र के रमेश उनियाल, सुरेश लाल, महावीर सिंह, अल्पना चौहान, निधि, प्रीति गुसाईं आदि का कहना है कि उन्हें जरूरी प्रमाणपत्र बनाने थे, लेकिन सीएससी केंद्रों पर यह प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं। जिससे उन्हें तहसीलों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहां से भी कोई प्रमाणपत्र समय से निर्गत नहीं हो पा रहे हैं।
तहसीलों में सभी प्रमाणपत्र बन रहे हैं, लेकिन देवभूमि जनसेवा केंद्रों (सीएससी) के गेटवे की समस्या के कारण पेमेंट फैचिंग में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे प्रमाणपत्र बनाने की फीस नहीं कट पा रही है। इस समस्या से जिला प्रशासन को अवगत कराया जाएगा।
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-हरेंद्र शर्मा, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर नई टिहरी।
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ई-गवर्नेंस के तहत सरकार ने जिला, तहसील और न्याय पंचायत स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर खोले हैं। इन केंद्रों पर राजस्व विभाग के मूल व स्थायी निवास, जाति, आय, आश्रित, हैसियत, चरित्र प्रमाण पत्र बनाने के अलावा जन्म-मृत्यु और सेवायोजन पंजीकरण कराने के साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, फूड लाइसेंस, बीमा और बिजली-पानी के बिल भी ऑन लाइन जमा कराने को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि कि सीएससी सेंटरों पर यह सब काम एक माह से भी अधिक समय से ठप पड़ा है, जिससे जरूरतमंदों के प्रमाण पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं। क्षेत्र के रमेश उनियाल, सुरेश लाल, महावीर सिंह, अल्पना चौहान, निधि, प्रीति गुसाईं आदि का कहना है कि उन्हें जरूरी प्रमाणपत्र बनाने थे, लेकिन सीएससी केंद्रों पर यह प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं। जिससे उन्हें तहसीलों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहां से भी कोई प्रमाणपत्र समय से निर्गत नहीं हो पा रहे हैं।
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तहसीलों में सभी प्रमाणपत्र बन रहे हैं, लेकिन देवभूमि जनसेवा केंद्रों (सीएससी) के गेटवे की समस्या के कारण पेमेंट फैचिंग में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे प्रमाणपत्र बनाने की फीस नहीं कट पा रही है। इस समस्या से जिला प्रशासन को अवगत कराया जाएगा।
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-हरेंद्र शर्मा, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर नई टिहरी।