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जिला चिकित्सालय बौराड़ी की व्यवस्थाएं गड़बड़ाई
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नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) में संचालित करने की तिथि आगे बढ़ती जा रही है। पहले जहां हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट को 14 जनवरी से अपनी सेवाएं शुरू करनी थी, लेकिन वह तिथि अब चार अप्रैल बढ़ाई गई है। ऐसे में अब अस्पताल में मरम्मत कार्य चल रहा है, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई है। अस्पताल में जहां 15 दिन से अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं, वहीं विकलांग सर्टिफिकेट बनाने की व्यवस्था भी ठप पड़ी है।
जिला अस्पताल बौराड़ी को पीपीपी मोड में दिया गया है। हिमालयन अस्पताल को 14 जनवरी से अपनी सेवाएं शुरू करनी थी। पार्टनर ने अस्पताल में ईएनटी सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और एक फिजीशियन की नियुक्ति भी कर दी है। बावजूद अस्पताल सिविल वर्क चलने से अस्पताल की व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई है। पार्टनर अभी तक अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू तैयार नहीं कर पाया है, जिससे हड्डी के मामूली ऑपरेशन और सिजेरियन प्रसव भी नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल में अल्ट्रा साउंड की सुविधा ठप होने से दूर-दराज से आ रही गर्भवती महिलाओं को बगैर जांच किए लौटना पड़ रहा है। मरीजों का आरोप है कि अस्पताल में दवाइयां भी नहीं मिल पा रही है। सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी का कहना है कि अस्पताल में इस समय सिविल वर्क चल रहा है, जिससे कुछ दिक्कतें आ रही है। इस समस्या को जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में कार्यरत महिला रोग विशेषज्ञ डा. अर्चना को अल्ट्रासाउंड करने को कहा गया है। उधर, हिमालय अस्पताल के प्रोजेक्ट मैनेजर माधवन का कहना है कि जिला चिकित्सालय बौराड़ी में हमें चार अप्रैल से सेवाएं शुरू करनी है। तब तक विभाग को ही अस्पताल का संचालन करना है। अभी वहां सिविल वर्क किया जा रहा है। तय समय से हम अपनी सेवाएं पूरी तरह से शुरू कर देंगे।
जिला अस्पताल बौराड़ी को पीपीपी मोड में दिया गया है। हिमालयन अस्पताल को 14 जनवरी से अपनी सेवाएं शुरू करनी थी। पार्टनर ने अस्पताल में ईएनटी सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और एक फिजीशियन की नियुक्ति भी कर दी है। बावजूद अस्पताल सिविल वर्क चलने से अस्पताल की व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई है। पार्टनर अभी तक अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू तैयार नहीं कर पाया है, जिससे हड्डी के मामूली ऑपरेशन और सिजेरियन प्रसव भी नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल में अल्ट्रा साउंड की सुविधा ठप होने से दूर-दराज से आ रही गर्भवती महिलाओं को बगैर जांच किए लौटना पड़ रहा है। मरीजों का आरोप है कि अस्पताल में दवाइयां भी नहीं मिल पा रही है। सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी का कहना है कि अस्पताल में इस समय सिविल वर्क चल रहा है, जिससे कुछ दिक्कतें आ रही है। इस समस्या को जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में कार्यरत महिला रोग विशेषज्ञ डा. अर्चना को अल्ट्रासाउंड करने को कहा गया है। उधर, हिमालय अस्पताल के प्रोजेक्ट मैनेजर माधवन का कहना है कि जिला चिकित्सालय बौराड़ी में हमें चार अप्रैल से सेवाएं शुरू करनी है। तब तक विभाग को ही अस्पताल का संचालन करना है। अभी वहां सिविल वर्क किया जा रहा है। तय समय से हम अपनी सेवाएं पूरी तरह से शुरू कर देंगे।
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