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डिजिटल इंडिया का बीएसएनएल ने उड़ाया मखौल
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चंबा (टिहरी)। डिजिटल इंडिया का सपना देख रहे छात्र-छात्राओं को उस वक्त निराशा हाथ लगी, जब वह इंटरनेट के माध्यम से सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात नहीं सुन पाए। मंगलवार को स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल के छात्र-छात्राएं पीएम मोदी के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम सुनने को एकत्रित हुए थे, लेकिन कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण छात्रों को निराश होना पड़ा। इंटरनेट की समस्या आने पर छात्रों को यह कार्यक्रम कंप्यूटर डेस्क टॉप पर दिखाया गया।
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के तहत देशभर के छात्र-छात्राओं से रूबरू होना था। पीएम के टिप्स सुनने के लिए एसआरटी परिसर में भी वीडियो कान्फ्रेसिंग हाल तैयार किया गया था। पीएम की चर्चा सुनने के लिए मंगलवार सुबह 11 बजे कार्यक्रम शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और परिसर स्टाफ कंप्यूटर, वेव कैमरे के सामने बैठ गए थे। पौने 12 बजे जब पीएम को एसआरटी परिसर के छात्रों से संवाद करना था, ठीक उसी वक्त इंटरनेट कनेक्टिविटी गायब हो गई, जिससे परिसर के छात्र पीएम की चर्चा नहीं सुन पाए। इंटरनेट की समस्या आने पर परिसर प्रशासन ने पीएम का कार्यक्रम वीसैट लैब में कंप्यूटर डेस्क टॉप पर छात्रों को बारी-बारी से दिखाना पड़ा। बीए की छात्रा दिप्ती आर्य ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में इंटरनेट कनेक्टिविटी का गायब होना दुर्भाग्यपूर्ण है। बीए के छात्र संजय नेगी ने कहा कि पीएम से वार्ता नहीं हो पाई है, लेकिन उनके विचार सुनकर हम अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। एलएलबी के छात्र राकेश ने कहा कि परिसर प्रशासन ने प्रयास जरूर किए, लेकिन वह नाकाफी साबित हुए हैं।
परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम वनवे कम्युनिकेशन था। छात्रों को यह कार्यक्रम सुनना था, लेकिन एन वक्त पर बीएसएनएल की इंटरनेट सेवा खराब हो गई। बावजूद छात्रों को डेस्क टॉप से प्रधानमंत्री की बात सुनाई गई। भविष्य में इंटरनेट के दूसरे विकल्प भी रखे जाएंगे।
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प्रो. आरसी रमोला, निदेशक एसआरटी परिसर बादशाहीथौल।
एसआरटी परिसर बादशाहीथौल की ओर बीएसएनएल की लाइन बिल्कुल ठीक है। वहां पर सही सिग्नल थे। परिसर प्रशासन ने इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की। इंटरनेट की कोई समस्या होती, तो पहले ही ठीक कर दी जाती।
बीएस नेगी, एजीएम बीएसएनएल टिहरी।
परीक्षा के दौरान तनाव मुक्त रहें छात्र
गढ़वाल विवि के चौरास परिसर में छात्रों ने देखा परीक्षा पे चर्चा का सीधा प्रसारण
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को परीक्षा से संबंधी टिप्स दिए। प्रधानमंत्री ने छात्रों को परीक्षा के दौरान तनाव मुक्त रहने के लिए भी कहा।
प्रधानमंत्री मोदी परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधे प्रसारण गढ़वाल विवि के करीब 300 छात्रों के अलावा शिक्षकों अधिकारियों व अभिभावकों ने भी देखा। चर्चा के दौरान मोदी ने कहा कि मां-बाप को बच्चों पर अपनी इच्छाएं जबरन नहीं थोपनी चाहिए। उन्होंने कहा टेक्नोलॉजी बच्चों को रोबोट बनाने के लिए नहीं, बल्कि सामर्थ में बढ़ोत्तरी के लिए होनी चाहिए। लक्ष्य अपने सामर्थ से जुड़ा होना चाहिए, जो सपनों की ओर ले जाए। इस मौके पर गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल, कुलसचिव डा. एके झा, डीएसडब्लू प्रो. पीएस राणा, मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुुगुणा, प्रो. एमएम सेमवाल, प्रो. मोनिका गुप्ता, उपकुलसचिव परीक्षा एचएम अरोड़ा, प्रो. अनिल नौटियाल, प्रो. अतुल ध्यानी, डा. भानु प्रकाश नैथानी, डा. वाईपी रैवानी, प्रो. आरसी डंगवाल, प्रो. ओके बेलवाल आदि मौजूद रहे।
-पहली बार ऐसे प्रधानमंत्री देखे जो युवा पीढ़ी के अच्छे भविष्य के लिए चिंतन कर रहे हैं। उनकी समस्याओं को इस तरह से समझते हैं जैसे कि अभिभावक, माता-पिता व शिक्षक भी नहीं समझ पाते हैं।
प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल, कुलपति गढ़वाल विवि।
छात्र परीक्षा के दौरान बहुत तनाव में रहते हैं। ऐसे में देश के प्रधानमंत्री द्वारा छात्रों को सुझाव देना बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम देश के भविष्य के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।
कमल पिमोली, छात्र, एमए मासकॉम
प्रधानमंत्री द्वारा छात्रों से सीधा संवाद करना भारत के लिए नई बात है। प्रधानमंत्री ने ऐसे समय में छात्रों से बात की है, जब छात्रों की परीक्षाएं नजदीक हैं। स्वयं प्रधानमंत्री को भी कुछ समय बाद परीक्षा देनी है। अपनी लोस चुनाव रूपी परीक्षा की चिंता छोड़ छात्रों के लिए समय निकालना मोदी की सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
बबीता असवाल, छात्रा एमएड, गढ़वाल विवि।
प्रधानमंत्री मोदी का छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम काफी रोचक रहा, जो भारत के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री के द्वारा किया गया। साथ ही मोदी को स्कूलों में शिक्षकों की कमी एवं शिक्षा व्यवस्था के बारे में भी ध्यान देना चाहिए।
आकांक्षा बिष्ट, छात्रा बिड़ला परिसर
छात्र-छात्राओं ने मोदी के सुझाव किए आत्मसात
कोटद्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम का कई विद्यालयों में सीधा प्रसारण दिखाया गया, जिसे बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं ने परीक्षा और शिक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझावों को आत्मसात किया। मंगलवार को बलूनी पब्लिक स्कूल और एमकेवीएन कण्वघाटी समेत कई विद्यालयों में प्रधानमंत्री के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम को बड़े पर्दे पर लाइव प्रसारण दिखाया गया। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में टाइम मैनेजमेंट, अपने लक्ष्यों पर डटे रहने और आधुनिक तकनीकी का सही इस्तेमाल करने पर चर्चा की। इस अवसर पर इस अवसर पर बलूनी एजूकेशन ग्रुप की डसायरेक्टर अभिलाषा भारद्वाज और एमकेवीएन के कार्यकारी निदेशक मयतंक प्रकाश कोठारी, प्रधानाचार्या आरती कंडवाल आदि मौजूद रहे।
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के तहत देशभर के छात्र-छात्राओं से रूबरू होना था। पीएम के टिप्स सुनने के लिए एसआरटी परिसर में भी वीडियो कान्फ्रेसिंग हाल तैयार किया गया था। पीएम की चर्चा सुनने के लिए मंगलवार सुबह 11 बजे कार्यक्रम शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और परिसर स्टाफ कंप्यूटर, वेव कैमरे के सामने बैठ गए थे। पौने 12 बजे जब पीएम को एसआरटी परिसर के छात्रों से संवाद करना था, ठीक उसी वक्त इंटरनेट कनेक्टिविटी गायब हो गई, जिससे परिसर के छात्र पीएम की चर्चा नहीं सुन पाए। इंटरनेट की समस्या आने पर परिसर प्रशासन ने पीएम का कार्यक्रम वीसैट लैब में कंप्यूटर डेस्क टॉप पर छात्रों को बारी-बारी से दिखाना पड़ा। बीए की छात्रा दिप्ती आर्य ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में इंटरनेट कनेक्टिविटी का गायब होना दुर्भाग्यपूर्ण है। बीए के छात्र संजय नेगी ने कहा कि पीएम से वार्ता नहीं हो पाई है, लेकिन उनके विचार सुनकर हम अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। एलएलबी के छात्र राकेश ने कहा कि परिसर प्रशासन ने प्रयास जरूर किए, लेकिन वह नाकाफी साबित हुए हैं।
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परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम वनवे कम्युनिकेशन था। छात्रों को यह कार्यक्रम सुनना था, लेकिन एन वक्त पर बीएसएनएल की इंटरनेट सेवा खराब हो गई। बावजूद छात्रों को डेस्क टॉप से प्रधानमंत्री की बात सुनाई गई। भविष्य में इंटरनेट के दूसरे विकल्प भी रखे जाएंगे।
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प्रो. आरसी रमोला, निदेशक एसआरटी परिसर बादशाहीथौल।
एसआरटी परिसर बादशाहीथौल की ओर बीएसएनएल की लाइन बिल्कुल ठीक है। वहां पर सही सिग्नल थे। परिसर प्रशासन ने इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की। इंटरनेट की कोई समस्या होती, तो पहले ही ठीक कर दी जाती।
बीएस नेगी, एजीएम बीएसएनएल टिहरी।
परीक्षा के दौरान तनाव मुक्त रहें छात्र
गढ़वाल विवि के चौरास परिसर में छात्रों ने देखा परीक्षा पे चर्चा का सीधा प्रसारण
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को परीक्षा से संबंधी टिप्स दिए। प्रधानमंत्री ने छात्रों को परीक्षा के दौरान तनाव मुक्त रहने के लिए भी कहा।
प्रधानमंत्री मोदी परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधे प्रसारण गढ़वाल विवि के करीब 300 छात्रों के अलावा शिक्षकों अधिकारियों व अभिभावकों ने भी देखा। चर्चा के दौरान मोदी ने कहा कि मां-बाप को बच्चों पर अपनी इच्छाएं जबरन नहीं थोपनी चाहिए। उन्होंने कहा टेक्नोलॉजी बच्चों को रोबोट बनाने के लिए नहीं, बल्कि सामर्थ में बढ़ोत्तरी के लिए होनी चाहिए। लक्ष्य अपने सामर्थ से जुड़ा होना चाहिए, जो सपनों की ओर ले जाए। इस मौके पर गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल, कुलसचिव डा. एके झा, डीएसडब्लू प्रो. पीएस राणा, मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुुगुणा, प्रो. एमएम सेमवाल, प्रो. मोनिका गुप्ता, उपकुलसचिव परीक्षा एचएम अरोड़ा, प्रो. अनिल नौटियाल, प्रो. अतुल ध्यानी, डा. भानु प्रकाश नैथानी, डा. वाईपी रैवानी, प्रो. आरसी डंगवाल, प्रो. ओके बेलवाल आदि मौजूद रहे।
-पहली बार ऐसे प्रधानमंत्री देखे जो युवा पीढ़ी के अच्छे भविष्य के लिए चिंतन कर रहे हैं। उनकी समस्याओं को इस तरह से समझते हैं जैसे कि अभिभावक, माता-पिता व शिक्षक भी नहीं समझ पाते हैं।
प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल, कुलपति गढ़वाल विवि।
छात्र परीक्षा के दौरान बहुत तनाव में रहते हैं। ऐसे में देश के प्रधानमंत्री द्वारा छात्रों को सुझाव देना बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम देश के भविष्य के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।
कमल पिमोली, छात्र, एमए मासकॉम
प्रधानमंत्री द्वारा छात्रों से सीधा संवाद करना भारत के लिए नई बात है। प्रधानमंत्री ने ऐसे समय में छात्रों से बात की है, जब छात्रों की परीक्षाएं नजदीक हैं। स्वयं प्रधानमंत्री को भी कुछ समय बाद परीक्षा देनी है। अपनी लोस चुनाव रूपी परीक्षा की चिंता छोड़ छात्रों के लिए समय निकालना मोदी की सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
बबीता असवाल, छात्रा एमएड, गढ़वाल विवि।
प्रधानमंत्री मोदी का छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम काफी रोचक रहा, जो भारत के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री के द्वारा किया गया। साथ ही मोदी को स्कूलों में शिक्षकों की कमी एवं शिक्षा व्यवस्था के बारे में भी ध्यान देना चाहिए।
आकांक्षा बिष्ट, छात्रा बिड़ला परिसर
छात्र-छात्राओं ने मोदी के सुझाव किए आत्मसात
कोटद्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम का कई विद्यालयों में सीधा प्रसारण दिखाया गया, जिसे बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं ने परीक्षा और शिक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझावों को आत्मसात किया। मंगलवार को बलूनी पब्लिक स्कूल और एमकेवीएन कण्वघाटी समेत कई विद्यालयों में प्रधानमंत्री के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम को बड़े पर्दे पर लाइव प्रसारण दिखाया गया। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में टाइम मैनेजमेंट, अपने लक्ष्यों पर डटे रहने और आधुनिक तकनीकी का सही इस्तेमाल करने पर चर्चा की। इस अवसर पर इस अवसर पर बलूनी एजूकेशन ग्रुप की डसायरेक्टर अभिलाषा भारद्वाज और एमकेवीएन के कार्यकारी निदेशक मयतंक प्रकाश कोठारी, प्रधानाचार्या आरती कंडवाल आदि मौजूद रहे।