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सड़क के अभाव ग्रामीण नाप रहे कई किमी पैदल
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घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लाक के पोखार-गेंवली-पजगांव 10 किमी मोटर मार्ग स्वीकृति के छह साल बाद भी नहीं बन पाया है। मोटर मार्ग नहीं बनने से ग्रामीण कई किमी पैदल नापने को मजबूर हैं।
पट्टी भिलंग के गेंवली, पजगांव, धारी, सिल्यारगांव, पैतियाण गांव दशकों बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाएं हैं। गांव में करीब 12 सौ की आबादी निवास करती है, लेकिन सड़क न होने के चलते ग्रामीण सात से दस किमी पैदल सफर करने को मजबूर हैं। वर्ष 2011-12 में तत्कालीन सीएम ने गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए 10 किमी पोखार-गेंवली-पजगांव मोटर की घोषणा कर इसकी स्वीकृति दी थी। बावजूद छह साल बाद भी सड़क निर्माण शुरू नहीं हो पाया। लोनिवि और वन विभाग के बीच तालमेल न होने के कारण सड़क निर्माण में आ रही वनभूमि का हस्तांतरण नहीं हो पाया। ग्रामीण उदय पंवार, महावीर सिंह, सरोप सिंह, समन सिंह, गोपाल सिंह, उत्तम सिंह, सूरत सिंह का कहना है कि सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। ईई एनएल वर्मा का कहना है कि मोटर मार्ग निर्माण पर आ रही वन भूमि हस्तांतरण को लेकर भारत सरकार को आनलाइन आवेदन किया जा चुका है। स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर वित्तीय स्वीकृति को भेजी जाएगी।
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पट्टी भिलंग के गेंवली, पजगांव, धारी, सिल्यारगांव, पैतियाण गांव दशकों बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाएं हैं। गांव में करीब 12 सौ की आबादी निवास करती है, लेकिन सड़क न होने के चलते ग्रामीण सात से दस किमी पैदल सफर करने को मजबूर हैं। वर्ष 2011-12 में तत्कालीन सीएम ने गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए 10 किमी पोखार-गेंवली-पजगांव मोटर की घोषणा कर इसकी स्वीकृति दी थी। बावजूद छह साल बाद भी सड़क निर्माण शुरू नहीं हो पाया। लोनिवि और वन विभाग के बीच तालमेल न होने के कारण सड़क निर्माण में आ रही वनभूमि का हस्तांतरण नहीं हो पाया। ग्रामीण उदय पंवार, महावीर सिंह, सरोप सिंह, समन सिंह, गोपाल सिंह, उत्तम सिंह, सूरत सिंह का कहना है कि सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। ईई एनएल वर्मा का कहना है कि मोटर मार्ग निर्माण पर आ रही वन भूमि हस्तांतरण को लेकर भारत सरकार को आनलाइन आवेदन किया जा चुका है। स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर वित्तीय स्वीकृति को भेजी जाएगी।
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