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महिला समूह संभालेगी काफी हाउस का जिम्मा
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नई टिहरी। महिला स्वयं सहायता समूहों की आजीविका दोगुनी करने के लिए विकास विभाग दो फरवरी से नई पहल शुरू करने जा रहा है। पालिका के त्रिहरि सिनेमा में अब नगरवासियों को पहाड़ी दाल के पकौड़े, मंडुवे के समोसे, सैंडविच, पॉपकार्न और कॉफी का स्वाद भी चखने को मिलेगा। कॉफी हाउस में महिला समूह इन व्यंजनों को तैयार कर उनकी बिक्री करेगी।
सीडीओ आशीष भटगांई ने पालिका नई टिहरी, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज और औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी में महिला स्वयं सहायता समूहों को कॉफी हाउस चलाने की स्वीकृति दी है। पहले चरण में दो फरवरी से त्रिहरि सिनेमा में यह अभियान शुरू किया जा रहा है। जाखणीधार के सतगुरु महाराज महिला समूह मैराब तल्ला और विकास आजीविका समूह कोटी त्यूंसा की महिलाएं दाल के पकौड़े, मंडुवे के समोसे, चौलाई के लड्डू, बिस्कुट, मक्खन, परांठे, झंगोरी की पैटीज बनाकर स्टॉल लगाकर बेचेंगी। खास बात यह है कि सभी उत्पादक जैविक होने के साथ ही पारंपरिक पत्तल, कांच के बर्तनों और कागज के ग्लास में परोसे जाएंगे। कॉफी कॉर्नर योजना शुरू करने से पहले स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के निदेशक डा. यशपाल नेगी के नेतृत्व में ट्रेनिंग दी जाएगी। योजना को धरातल पर उतारने के लिए अपर परियोजना निदेशक डीआरडीए सोनम गुप्ता को समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। महिला समूहों को उत्पाद बनाने, बेचने और प्रस्तुतीकरण का जिम्मा सोनम गुप्ता को सौंपा गया है।
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सीडीओ आशीष भटगांई ने पालिका नई टिहरी, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज और औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी में महिला स्वयं सहायता समूहों को कॉफी हाउस चलाने की स्वीकृति दी है। पहले चरण में दो फरवरी से त्रिहरि सिनेमा में यह अभियान शुरू किया जा रहा है। जाखणीधार के सतगुरु महाराज महिला समूह मैराब तल्ला और विकास आजीविका समूह कोटी त्यूंसा की महिलाएं दाल के पकौड़े, मंडुवे के समोसे, चौलाई के लड्डू, बिस्कुट, मक्खन, परांठे, झंगोरी की पैटीज बनाकर स्टॉल लगाकर बेचेंगी। खास बात यह है कि सभी उत्पादक जैविक होने के साथ ही पारंपरिक पत्तल, कांच के बर्तनों और कागज के ग्लास में परोसे जाएंगे। कॉफी कॉर्नर योजना शुरू करने से पहले स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के निदेशक डा. यशपाल नेगी के नेतृत्व में ट्रेनिंग दी जाएगी। योजना को धरातल पर उतारने के लिए अपर परियोजना निदेशक डीआरडीए सोनम गुप्ता को समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। महिला समूहों को उत्पाद बनाने, बेचने और प्रस्तुतीकरण का जिम्मा सोनम गुप्ता को सौंपा गया है।
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