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पूसा के प्रधानाचार्य ने किए एचएम संस्थान का निरीक्षण
Updated Sat, 24 Nov 2018 10:19 PM IST
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नई टिहरी। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग एंड न्यूट्रीशियन पूसा नई दिल्ली के प्रधानाचार्य केके पंत ने स्टेट इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड एंप्लाइड न्यूट्रीशन का भ्रमण कर संस्थान की सराहना की। उन्होंने संस्थान की लाइब्रेरी, प्रयोगशाला, कुकिंग उपकरणों का भी निरीक्षण किया। कहा कि दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों के संस्थानों से डिग्री हासिल करने वाले छात्रों के लिए कैंपस प्लेसमेंट होना बहुत जरूरी है।
शनिवार को पहुंचे आईएचएम पूसा के प्रधानाचार्य पंत को निदेशक डा. यशपाल नेगी ने संस्थान की विशेषताओं से अवगत कराया। बताया कि वर्तमान में संस्थान में चार वर्षीय बैचलर डिग्री कोर्स करवाया जा रहा है। कहा कि सर्टिफिकेट कोर्स की यहां पर ज्यादा डिमांड है। प्रधानाचार्य पंत ने बताया कि बैचलर डिग्री पूरा करने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थानों और होटल में कार्य करने के लिए छात्रों को पीजी कोर्स भी करने चाहिए। उन्होंने प्रयोगशाला की विशेष सराहना करते हुए सीटें और कोर्स बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि भविष्य में केंद्रीय संस्थान से नई टिहरी के आईएचएम को हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने पूसा की एक किताब भी भेंट की। निदेशक नेगी ने बताया कि पूसा की ओर से दिए गए सुझाव का भविष्य में पालन कर किया जाएगा। इस मौके पर एसोसिएट्स प्रोफेसर प्रदीप नेगी, कुलदीप सिंह, जसवंत जयाड़ा आदि मौजूद थे।
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शनिवार को पहुंचे आईएचएम पूसा के प्रधानाचार्य पंत को निदेशक डा. यशपाल नेगी ने संस्थान की विशेषताओं से अवगत कराया। बताया कि वर्तमान में संस्थान में चार वर्षीय बैचलर डिग्री कोर्स करवाया जा रहा है। कहा कि सर्टिफिकेट कोर्स की यहां पर ज्यादा डिमांड है। प्रधानाचार्य पंत ने बताया कि बैचलर डिग्री पूरा करने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थानों और होटल में कार्य करने के लिए छात्रों को पीजी कोर्स भी करने चाहिए। उन्होंने प्रयोगशाला की विशेष सराहना करते हुए सीटें और कोर्स बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि भविष्य में केंद्रीय संस्थान से नई टिहरी के आईएचएम को हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने पूसा की एक किताब भी भेंट की। निदेशक नेगी ने बताया कि पूसा की ओर से दिए गए सुझाव का भविष्य में पालन कर किया जाएगा। इस मौके पर एसोसिएट्स प्रोफेसर प्रदीप नेगी, कुलदीप सिंह, जसवंत जयाड़ा आदि मौजूद थे।
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