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भीमल के रेसों से उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण शुरू
Updated Sun, 16 Sep 2018 10:25 PM IST
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नई टिहरी। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन विभाग और प्राकृतिक संसाधन डेटा प्रणाली विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली की पहल पर खाड़ी में भीमल के रेसों से विभिन्न उत्पादन बनाने का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ।
रविवार से शुरू हुए प्रशिक्षण के पहले दिन उत्तराखंड औद्योगिकी एवं वानिकी विवि भरसार के प्रसार निदेशक डा. अरविंद बिजल्वाण, परियोजना अधिकारी डा. सुमित चौधरी, सहायक प्राध्यापक वन उत्पाद एवं उपयोगिता डा. पंकज लाल बेसरियाल और डा. इंद्र सिंह ने महिलाओं को भीमल के रेसों से बनने वाले उत्पादों की जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर बीना पुंडीर ने बताया कि कई स्थानों पर भीमल रेसों से महिलाएं उत्पाद बनाकर स्वरोजगार कर रही है, जिससे वह प्रतिमाह तीन से चार हजार रुपये तक कमा रही है। इस मौके पर परियोजना अधिकारी मुनेश कुमार, प्रधान मकानी देवी, पूर्व प्रधान फूल दास, मनोज पांडेय आदि मौजूद थे।
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रविवार से शुरू हुए प्रशिक्षण के पहले दिन उत्तराखंड औद्योगिकी एवं वानिकी विवि भरसार के प्रसार निदेशक डा. अरविंद बिजल्वाण, परियोजना अधिकारी डा. सुमित चौधरी, सहायक प्राध्यापक वन उत्पाद एवं उपयोगिता डा. पंकज लाल बेसरियाल और डा. इंद्र सिंह ने महिलाओं को भीमल के रेसों से बनने वाले उत्पादों की जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर बीना पुंडीर ने बताया कि कई स्थानों पर भीमल रेसों से महिलाएं उत्पाद बनाकर स्वरोजगार कर रही है, जिससे वह प्रतिमाह तीन से चार हजार रुपये तक कमा रही है। इस मौके पर परियोजना अधिकारी मुनेश कुमार, प्रधान मकानी देवी, पूर्व प्रधान फूल दास, मनोज पांडेय आदि मौजूद थे।
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