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आईएम योजना से आबाद करेंगे बंजर खेत-खलिहान
Updated Thu, 13 Sep 2018 10:28 PM IST
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चंबा (टिहरी)। समूह में बड़ी शक्ति होती है। ऐसे में यदि किसान आपस में समूह बनाकर सामूहिक खेती और औद्यानिकी करें तो इससे ग्रामीणों की तकदीर बदल सकती है। कुछ इसी सोच के साथ जिले के सभी नौ ब्लॉकों के एक गांव में इंटीग्रेटेड एग्रीकल्चर मॉडल (आईएम) योजना शुरू किए जाने की तैयारी अंतिम चरण में है।
योजना के प्रथम चरण में जिले के सभी नौ ब्लॉकों के एक-एक गांव को आईएम योजना से जोड़ा जा रहा है। उद्यान और कृषि विभाग ने गांवों का चयन कर लिया है। चयनित गांवों की तस्वीर बदलने के लिए सरकार की ओर से प्रति गांव को एक करोड़ दिया जाएगा, जिसमें 85 लाख से कोल्ड स्टोरेज, जंगली जानवरों से बचाव के लिए तारबाड़, मार्ग और अन्य संसाधन विकसित किए जाएंगे। 15 लाख रुपये ग्रामीणों के समूह में जमा कराए जाएंगे। उसके बाद आय अर्जित कर ऋण लौटा सकेंगे। इस समूह में ग्रामीणों के साथ ही विभाग का कर्मचारी भी शामिल होगा। जिला उद्यान अधिकारी डा. डीके तिवारी का कहना है कि इंटीग्रेटेड एग्रीकल्चर मॉडल योजना के लिए जिले के हर ब्लॉक से एक गांव का चयन कर लिया गया है। भविष्य में अन्य गांवों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी का कहना है कि सामूहिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है। इसमें हर आदमी को अपनी जिमम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। गांव की खुशहाली और तरक्की के लिए योजना कारगर साबित होगी
जिले में इन गांवों का हुआ चयन
चंबा में कठुड़, नरेंद्रनगर में देवली, जौनपुर में हटवाल गांव जाखणीधार में मरोड़ा, भिलंगना में सेंदुल, देवप्रयाग में बौंठा,कीर्तिनगर में मलेथा, थौलधार में दड़माली, प्रतापनगर में घंडियाल गांव
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योजना के प्रथम चरण में जिले के सभी नौ ब्लॉकों के एक-एक गांव को आईएम योजना से जोड़ा जा रहा है। उद्यान और कृषि विभाग ने गांवों का चयन कर लिया है। चयनित गांवों की तस्वीर बदलने के लिए सरकार की ओर से प्रति गांव को एक करोड़ दिया जाएगा, जिसमें 85 लाख से कोल्ड स्टोरेज, जंगली जानवरों से बचाव के लिए तारबाड़, मार्ग और अन्य संसाधन विकसित किए जाएंगे। 15 लाख रुपये ग्रामीणों के समूह में जमा कराए जाएंगे। उसके बाद आय अर्जित कर ऋण लौटा सकेंगे। इस समूह में ग्रामीणों के साथ ही विभाग का कर्मचारी भी शामिल होगा। जिला उद्यान अधिकारी डा. डीके तिवारी का कहना है कि इंटीग्रेटेड एग्रीकल्चर मॉडल योजना के लिए जिले के हर ब्लॉक से एक गांव का चयन कर लिया गया है। भविष्य में अन्य गांवों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी का कहना है कि सामूहिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है। इसमें हर आदमी को अपनी जिमम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। गांव की खुशहाली और तरक्की के लिए योजना कारगर साबित होगी
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जिले में इन गांवों का हुआ चयन
चंबा में कठुड़, नरेंद्रनगर में देवली, जौनपुर में हटवाल गांव जाखणीधार में मरोड़ा, भिलंगना में सेंदुल, देवप्रयाग में बौंठा,कीर्तिनगर में मलेथा, थौलधार में दड़माली, प्रतापनगर में घंडियाल गांव
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