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इस बार प्रवेश देने के मामले में फूंक-फूंक कदम रख रहा विवि
Updated Thu, 05 Jul 2018 10:36 PM IST
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चंबा (टिहरी)। इस बार नए शैक्षणिक सत्र में छात्र-छात्राओं को प्रवेश देने के मामले में एसआरटी परिसर फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। दरअसल, पिछले साल छात्र संघ अध्यक्ष की फर्जी अंकतालिका सेेेेेेेे प्रवेश देने के मामले में विवि प्रशासन की खूब किरकिरी हुई थी। इसे देखते हुए इस सत्र में प्रवेशार्थियों के प्रमाण पत्रों की गहनता से जांच के बाद ही प्रवेश समिति अपनी मुहर लगाएगी।
एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के एसआरटी परिसर में देश के कई राज्यों के छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। बावजूद इसके अभी तक प्रवेश लेने आने वाले छात्र-छात्राओं के बोर्ड की मान्यता की जांच को हल्के में ही लिया जाता था। यही कारण है कि गत वर्ष प्रवेश प्रक्रिया संपन्न होने के कई माह गुजर जाने के बाद कुछ छात्र संगठनों ने छात्र संघ अध्यक्ष की अंक तालिका पर सवाल खड़े किए, जिस पर हरकत में आए विवि प्रशासन ने मामले की जांच की तो पता चला कि छात्रसंघ अध्यक्ष की अंकतालिका फर्जी है। इससे विवि की कार्यप्रणाली कठघरे में खड़ी हो गई।
मगर इस सत्र में परिसर प्रवेश के मामले में कोई चूक नहीं करना चाहता है। इसके लिए परिसर प्रशासन ने प्रवेश समितियों को प्रवेश प्रपत्रों की पूरी जांच करने के बाद ही नए दाखिला देने को कहा है। किसी भी प्रपत्र के संदिग्ध पाए जाने पर मामले की अलग से जांच पड़ताल करवाई जाएगी। 10 जुलाई को विवि प्रशासन ने प्रवेश फार्म जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की है। प्रवेश लेने के लिए आज तक 300 छात्र-छात्राएं ऑफ लाइन आवेदन पत्र जमा कर चुके हैं। 17 जुलाई से प्रवेश के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी।
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कोट
नए प्रवेशार्थियों के समस्त प्रपत्रों की गहनता से जांच करवाई जाएगी। यदि कोई अंकतालिका या प्रपत्र संदिग्ध पाया जाएगा, तो मामले की अलग से जांच पड़ताल की जाएगी। इसके बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
प्रो. आरसी रमोला, निदेशक, एसआरटी परिसर बादशाहीथौल
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एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के एसआरटी परिसर में देश के कई राज्यों के छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। बावजूद इसके अभी तक प्रवेश लेने आने वाले छात्र-छात्राओं के बोर्ड की मान्यता की जांच को हल्के में ही लिया जाता था। यही कारण है कि गत वर्ष प्रवेश प्रक्रिया संपन्न होने के कई माह गुजर जाने के बाद कुछ छात्र संगठनों ने छात्र संघ अध्यक्ष की अंक तालिका पर सवाल खड़े किए, जिस पर हरकत में आए विवि प्रशासन ने मामले की जांच की तो पता चला कि छात्रसंघ अध्यक्ष की अंकतालिका फर्जी है। इससे विवि की कार्यप्रणाली कठघरे में खड़ी हो गई।
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मगर इस सत्र में परिसर प्रवेश के मामले में कोई चूक नहीं करना चाहता है। इसके लिए परिसर प्रशासन ने प्रवेश समितियों को प्रवेश प्रपत्रों की पूरी जांच करने के बाद ही नए दाखिला देने को कहा है। किसी भी प्रपत्र के संदिग्ध पाए जाने पर मामले की अलग से जांच पड़ताल करवाई जाएगी। 10 जुलाई को विवि प्रशासन ने प्रवेश फार्म जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की है। प्रवेश लेने के लिए आज तक 300 छात्र-छात्राएं ऑफ लाइन आवेदन पत्र जमा कर चुके हैं। 17 जुलाई से प्रवेश के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी।
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नए प्रवेशार्थियों के समस्त प्रपत्रों की गहनता से जांच करवाई जाएगी। यदि कोई अंकतालिका या प्रपत्र संदिग्ध पाया जाएगा, तो मामले की अलग से जांच पड़ताल की जाएगी। इसके बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
प्रो. आरसी रमोला, निदेशक, एसआरटी परिसर बादशाहीथौल