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हाइवे पर चार घंटे बाधित रहा यातायात
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:04 PM IST
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नरेंद्रनगर (टिहरी)। ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे सोमवार को अलग-अलग स्थानों पर चार घंटे तक अवरुद्ध रहा। इस दौरान दर्जनों वाहन और सैकड़ों यात्री रास्ते में फंसे रहे।
सोमवार सुबह पांच बजे हिंडोलाखाल के पास चट्टान से मलबा और पत्थर गिरने से हाईवे बाधित हो गया था। तीन घंटे बाद सुबह आठ बजे बीआरओ ने मार्ग पर यातायात शुरू करवाया। इसके बाद दोपहर दो बजे बेमर के पास भी सड़क अवरुद्ध हो गई थी। यहां भी चट्टान से सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आ गिरा। कोहरा और बारिश के चलते सड़क खुलने में एक घंटे का वक्त लगा। तीन बजे के लगभग मलबा साफ करने के बाद यातायात बहाल हुआ। सड़क पर वाहन आड़े-तिरछे खड़े रहने से वहां आधे घंटे तक जाम की समस्या बनी रही। पुलिस को जाम खुलवाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। बेमर के समीप भूस्खलन होने से सड़क के ऊपर बसे सोहन लाल के आवासीय भवन को खतरा उत्पन्न हो गया है।
तीन घंटे बंद रहा गौरीकुंड हाईवे
तिलवाड़ा। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को तिलवाड़ा में तीन घंटे बंद रहा। यहां प्रात: आठ बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। सोमवार को लीसा फैक्ट्री के पास पहाड़ी से हाईवे पर आए भारी मलबे को एनएच द्वारा दो तरफा मशीनों की मदद से साफ कर यातायात सुचारु किया गया। सड़क चौड़ीकरण के लिए की गई कटिंग के बाद से प्रभावित स्थान पर भूस्खलन जोन सक्रिय हो रखा है, जिससे हल्की बारिश में पहाड़ी से भारी मलबा व पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं। दो दिन पूर्व भी यहां पर हाईवे पांच घंटे बंद रहा। ब्यूरो
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कैंपटी-मसूरी हाईवे पर हुआ भू-धंसाव
नैनबाग (टिहरी)। कैंपटी- मसूरी हाइवे पर कांडीखाल में निर्माणाधीन पुल के पास भू-धंसाव होने से हाईवे एक घंटे बाधित रहा। पहाड़ी से लगातार मिट्टी-पत्थर गिरने के कारण जेसीबी चालक को मलबा हटाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सोमवार को नैनबाग कैंपटी-मसूरी हाईवे पर दोपहर 12 बजे कांडीखाल के समीप भारी भूस्खलन होने से यातायात ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर चार धाम यात्रियों सहित स्थानीय लोगों के दर्जनों वाहन फंस गए। वहां पर अक्सर पहाड़ी दरकने से डेंजर जोन बन गया है, जिससे लोगों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। करीब एक बजे जेसीबी से मलबा हटाने के बाद यातायात सुचारु हो पाया।
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सोमवार सुबह पांच बजे हिंडोलाखाल के पास चट्टान से मलबा और पत्थर गिरने से हाईवे बाधित हो गया था। तीन घंटे बाद सुबह आठ बजे बीआरओ ने मार्ग पर यातायात शुरू करवाया। इसके बाद दोपहर दो बजे बेमर के पास भी सड़क अवरुद्ध हो गई थी। यहां भी चट्टान से सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आ गिरा। कोहरा और बारिश के चलते सड़क खुलने में एक घंटे का वक्त लगा। तीन बजे के लगभग मलबा साफ करने के बाद यातायात बहाल हुआ। सड़क पर वाहन आड़े-तिरछे खड़े रहने से वहां आधे घंटे तक जाम की समस्या बनी रही। पुलिस को जाम खुलवाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। बेमर के समीप भूस्खलन होने से सड़क के ऊपर बसे सोहन लाल के आवासीय भवन को खतरा उत्पन्न हो गया है।
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तीन घंटे बंद रहा गौरीकुंड हाईवे
तिलवाड़ा। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को तिलवाड़ा में तीन घंटे बंद रहा। यहां प्रात: आठ बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। सोमवार को लीसा फैक्ट्री के पास पहाड़ी से हाईवे पर आए भारी मलबे को एनएच द्वारा दो तरफा मशीनों की मदद से साफ कर यातायात सुचारु किया गया। सड़क चौड़ीकरण के लिए की गई कटिंग के बाद से प्रभावित स्थान पर भूस्खलन जोन सक्रिय हो रखा है, जिससे हल्की बारिश में पहाड़ी से भारी मलबा व पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं। दो दिन पूर्व भी यहां पर हाईवे पांच घंटे बंद रहा। ब्यूरो
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कैंपटी-मसूरी हाईवे पर हुआ भू-धंसाव
नैनबाग (टिहरी)। कैंपटी- मसूरी हाइवे पर कांडीखाल में निर्माणाधीन पुल के पास भू-धंसाव होने से हाईवे एक घंटे बाधित रहा। पहाड़ी से लगातार मिट्टी-पत्थर गिरने के कारण जेसीबी चालक को मलबा हटाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सोमवार को नैनबाग कैंपटी-मसूरी हाईवे पर दोपहर 12 बजे कांडीखाल के समीप भारी भूस्खलन होने से यातायात ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर चार धाम यात्रियों सहित स्थानीय लोगों के दर्जनों वाहन फंस गए। वहां पर अक्सर पहाड़ी दरकने से डेंजर जोन बन गया है, जिससे लोगों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। करीब एक बजे जेसीबी से मलबा हटाने के बाद यातायात सुचारु हो पाया।