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एचसीसी से निकाले गए कर्मी ने दी आंदोलन की चेतावनी
Updated Fri, 29 Jun 2018 10:28 PM IST
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नई टिहरी। टीएचडीसी की द्वितीय चरण की पंप स्टोरेज प्लांट के निर्माण में लगी हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी से निकाले गए 215 कर्मचारियों ने आरपार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने बांध निर्माण के लिए खेत-खलियान को डूबो दिया, लेकिन अब कंपनी बांध प्रभावितों का ही रोजगार छीन रहा है।
निकाले गए कर्मियों के संगठन टिहरी बांध विकास संघर्ष समिति ने कहा कि लंबे समय से कर्मी पीएसपी के निर्माण में लगे थे, लेकिन एचसीसी ने बिना पूर्व सूचना के ही कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया, जबकि पीएसपी का निर्माण अभी तक 50 फीसदी भी पूरा नहीं हो पाया। समिति के महासचिव मनोज पंवार, सुखमोहन सिंह, प्रवीन सेमल्टी, विजय सिंह, दलीप पंवार, अतर सिंह, विक्रम सिंह आदि ने बताया कि हटाए गए 215 कर्मियों में से 202 बांध प्रभावित हैं। प्रभावितों ने डैम निर्माण के लिए अपने पुश्तैनी जमीन, मकान समेत से लेकर आवागमन की रास्तों को भी झील में डूबा दिया। बावजूद कंपनी प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना कर उनका रोजगार छीन रहा है। कहा कि नौकरी से निकाले जाने के कारण उनके सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से सेवा बहाली की मांग करते हुए जल्द नौकरी में न लिए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।
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निकाले गए कर्मियों के संगठन टिहरी बांध विकास संघर्ष समिति ने कहा कि लंबे समय से कर्मी पीएसपी के निर्माण में लगे थे, लेकिन एचसीसी ने बिना पूर्व सूचना के ही कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया, जबकि पीएसपी का निर्माण अभी तक 50 फीसदी भी पूरा नहीं हो पाया। समिति के महासचिव मनोज पंवार, सुखमोहन सिंह, प्रवीन सेमल्टी, विजय सिंह, दलीप पंवार, अतर सिंह, विक्रम सिंह आदि ने बताया कि हटाए गए 215 कर्मियों में से 202 बांध प्रभावित हैं। प्रभावितों ने डैम निर्माण के लिए अपने पुश्तैनी जमीन, मकान समेत से लेकर आवागमन की रास्तों को भी झील में डूबा दिया। बावजूद कंपनी प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना कर उनका रोजगार छीन रहा है। कहा कि नौकरी से निकाले जाने के कारण उनके सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से सेवा बहाली की मांग करते हुए जल्द नौकरी में न लिए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।
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