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हाइड्रो कॉलेज के छात्रों को अब घर बैठे ही मिलेगा किताबों का संसार
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:12 PM IST
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नई टिहरी। टीएचडीसी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बीपुरम के छात्रों को अब पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी में किताबें तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत इंजीनियरिंग कॉलेज में ई लाइब्रेरी की स्थापना हो चुकी है। सात जुलाई से छात्र-छात्राओं को अब घर बैठे ही अपने मोबाइल की एक क्लिक पर सभी पाठ्यक्रमों की पुस्तकें पढ़ने की सुविधा मिलेगी। कॉलेज में अध्ययनरत लगभग 11 सौ छात्र-छात्राओं को इस सुविधा का लाभ मिलेगा।
नई टिहरी के बीपुरम में वर्ष 2011 में टीएचडीसी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई थी। कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस, मेकेनिकल ट्रेड संचालित हो रहे हैं। छात्रावास सुविधा के अभाव में कॉलेज के अधिकांश छात्र-छात्राएं बौराड़ी, नई टिहरी, बीपुरम, कोटीकालोनी और आसपास के गांवों में किराए के कमरों पर रहते हैं। कॉलेज परिसर में बने दो छात्रावासों में सिर्फ 450 छात्र-छात्राओं के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध है। अपने पाठ्यक्रम की पुस्तकों के लिए छात्र-छात्राओं को लाइब्रेरी में घंटों इंतजार करना पड़ता था। देर शाम तक लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए बैठे रहने पर कई बार छात्र-छात्राओं को कमरे पर वापस जाने के लिए समय पर वाहन नहीं मिल पाता था।
ई लाइब्रेरी के लिए कॉलेज में एक टॉवर लग चुका है। दो अन्य टॉवर लगाने का काम चल रहा है। वाईफाई सुविधा से लैस इन टॉवरों की हवाई रेंज साढ़े तीन किमी तक है। बीपुरम से नई टिहरी और आसपास के गांवों में जहां हाइड्रो कॉलेज के छात्र निवास करते हैं, वहां तक इन टॉवरों की रेंज पहुंच रही है। ई लाइब्रेरी सुविधा के लिए कॉलेज प्रशासन प्रत्येक छात्र को पासवल्ड जारी करेगा। इस सॉफ्टवेयर के तहत पुस्तकालय की हर किताब का रिकॉर्ड कंप्यूटर सिस्टम में मिलेगा।
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कोट
जुलाई प्रथम सप्ताह से ई लाइब्रेरी की सेवा विधिवत शुरू हो जाएगी। डिजिटल लाइब्रेरी से छात्रों को किताबों का नया संसार मिल जाएगा। समय और जरूरत के हिसाब से छात्र घर पर पढ़ाई, शोध और प्रोजेक्ट के कार्य संपादित कर सकता है।
-प्रो. जीएस तोमर, निदेशक, टीएचडीसी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज
नई टिहरी के बीपुरम में वर्ष 2011 में टीएचडीसी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई थी। कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस, मेकेनिकल ट्रेड संचालित हो रहे हैं। छात्रावास सुविधा के अभाव में कॉलेज के अधिकांश छात्र-छात्राएं बौराड़ी, नई टिहरी, बीपुरम, कोटीकालोनी और आसपास के गांवों में किराए के कमरों पर रहते हैं। कॉलेज परिसर में बने दो छात्रावासों में सिर्फ 450 छात्र-छात्राओं के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध है। अपने पाठ्यक्रम की पुस्तकों के लिए छात्र-छात्राओं को लाइब्रेरी में घंटों इंतजार करना पड़ता था। देर शाम तक लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए बैठे रहने पर कई बार छात्र-छात्राओं को कमरे पर वापस जाने के लिए समय पर वाहन नहीं मिल पाता था।
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ई लाइब्रेरी के लिए कॉलेज में एक टॉवर लग चुका है। दो अन्य टॉवर लगाने का काम चल रहा है। वाईफाई सुविधा से लैस इन टॉवरों की हवाई रेंज साढ़े तीन किमी तक है। बीपुरम से नई टिहरी और आसपास के गांवों में जहां हाइड्रो कॉलेज के छात्र निवास करते हैं, वहां तक इन टॉवरों की रेंज पहुंच रही है। ई लाइब्रेरी सुविधा के लिए कॉलेज प्रशासन प्रत्येक छात्र को पासवल्ड जारी करेगा। इस सॉफ्टवेयर के तहत पुस्तकालय की हर किताब का रिकॉर्ड कंप्यूटर सिस्टम में मिलेगा।
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जुलाई प्रथम सप्ताह से ई लाइब्रेरी की सेवा विधिवत शुरू हो जाएगी। डिजिटल लाइब्रेरी से छात्रों को किताबों का नया संसार मिल जाएगा। समय और जरूरत के हिसाब से छात्र घर पर पढ़ाई, शोध और प्रोजेक्ट के कार्य संपादित कर सकता है।
-प्रो. जीएस तोमर, निदेशक, टीएचडीसी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज