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कलश यात्रा के साथ गो कथा शुरू
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नई टिहरी। जल कलश यात्रा के साथ गोपाल गो लोक धाम संवर्द्धन समिति की पहल पर बृहस्पतिवार से नई टिहरी में पांच दिवसीय गो कथा
शुरू हो गई। नगर के आंचल डेरी स्थित गोशाला से विद्यामंदिर इंटर कालेज कथा स्थल तक पानी के संरक्षण को लेकर जल कलश यात्रा निकाली गई। गो कथा वाचक गोपालमणि महाराज ने कहा कि गाय के बिना पूजा, पाठ, तर्पण व दान आदि संभव नहीं है। कहा कि रावण सबसे बड़ा ज्ञानी था, लेकिन गो भक्त न होने के कारण स्वयं से लेकर अपने कुल के नाश का भागीदार बना। उन्होंने कहा कि गो और गंगा भारत की माता हैं, लेकिन वर्तमान में दोनों संकट से गुजर रही है। समाज के सभी वर्ग के लोगों को गाय और गंगा के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इस मौके पर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं, समिति के अध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट, जीतराम भट्ट, राजेंद्र गुसाईं, सरोजनी चमोली, प्रेमलता गुसाईं, देवेश्वरी डोभाल, सुबदा चौहान व लक्ष्मी रतूड़ी आदि मौजूद थे। ब्यूरो
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शुरू हो गई। नगर के आंचल डेरी स्थित गोशाला से विद्यामंदिर इंटर कालेज कथा स्थल तक पानी के संरक्षण को लेकर जल कलश यात्रा निकाली गई। गो कथा वाचक गोपालमणि महाराज ने कहा कि गाय के बिना पूजा, पाठ, तर्पण व दान आदि संभव नहीं है। कहा कि रावण सबसे बड़ा ज्ञानी था, लेकिन गो भक्त न होने के कारण स्वयं से लेकर अपने कुल के नाश का भागीदार बना। उन्होंने कहा कि गो और गंगा भारत की माता हैं, लेकिन वर्तमान में दोनों संकट से गुजर रही है। समाज के सभी वर्ग के लोगों को गाय और गंगा के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इस मौके पर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं, समिति के अध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट, जीतराम भट्ट, राजेंद्र गुसाईं, सरोजनी चमोली, प्रेमलता गुसाईं, देवेश्वरी डोभाल, सुबदा चौहान व लक्ष्मी रतूड़ी आदि मौजूद थे। ब्यूरो
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