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घनी बस्ती के बीच हाईवे किनारे डंप कूडा़ बना मुसीबत
Updated Mon, 05 Mar 2018 10:52 PM IST
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चंबा (टिहरी)। पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर पालिका उत्तरकाशी राजमार्ग पर खुले में कचरा डाल रही है। स्थिति यह है कि पालिका कचरा निस्तारण के लिए अभी तक जैविक और अजैविक पिटों का निर्माण तक नहीं कर पाई है।
पिछले कुछ समय से पालिका डोर टू डोर कलेक्शन वाहन से एकत्रित किए जाने वाले कूड़े से पॉलिथीन और अन्य अजैविक कूड़े को अलग करने का काम कर रही है। जैविक कचरे के निस्तारण के लिए किसी भी तरह का कंपोस्ट पिट नहीं बनाया गया है। ऐसे में पिछले लंबे समय से कूड़ाघर में डंप जैविक कचरा सड़कर दुर्गंध पैदा कर पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है। स्थानीय निवासी राजेश राणा, सुशीला देवी का कहना है कि यदि पालिका कचरे को ढकने के बजाए इस बजट को जैविक कचरा निस्तारण पर खर्च करती है, तो आमजन को दुर्गंध से निजात मिल सकती थी। पर्यावरणविद् विजय जड़धारी का कहना है कि जमीन में लंबे समय तक कचरा दबा होने के कारण जहरीली गैसों का रिसाव होने के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ईओ एसपी जोशी का कहना है कि खांडखाला में ट्रेचिंग ग्राउंड बनाने की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। जल्द ही नए कूड़ेघर में वैज्ञानिक विधि से कूड़ा निस्तारण करने की योजना गतिमान है। राजमार्ग किनारे बने अस्थायी कूड़ाघर में फिलहाल अजैविक कचरे को छांटकर अलग किया जा रहा है
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पिछले कुछ समय से पालिका डोर टू डोर कलेक्शन वाहन से एकत्रित किए जाने वाले कूड़े से पॉलिथीन और अन्य अजैविक कूड़े को अलग करने का काम कर रही है। जैविक कचरे के निस्तारण के लिए किसी भी तरह का कंपोस्ट पिट नहीं बनाया गया है। ऐसे में पिछले लंबे समय से कूड़ाघर में डंप जैविक कचरा सड़कर दुर्गंध पैदा कर पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है। स्थानीय निवासी राजेश राणा, सुशीला देवी का कहना है कि यदि पालिका कचरे को ढकने के बजाए इस बजट को जैविक कचरा निस्तारण पर खर्च करती है, तो आमजन को दुर्गंध से निजात मिल सकती थी। पर्यावरणविद् विजय जड़धारी का कहना है कि जमीन में लंबे समय तक कचरा दबा होने के कारण जहरीली गैसों का रिसाव होने के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ईओ एसपी जोशी का कहना है कि खांडखाला में ट्रेचिंग ग्राउंड बनाने की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। जल्द ही नए कूड़ेघर में वैज्ञानिक विधि से कूड़ा निस्तारण करने की योजना गतिमान है। राजमार्ग किनारे बने अस्थायी कूड़ाघर में फिलहाल अजैविक कचरे को छांटकर अलग किया जा रहा है
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