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वार्षिक परीक्षा के बाद मासिक परीक्षा का किया विरोध
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:00 PM IST
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नई टिहरी। राजकीय शिक्षक संघ ने वार्षिक परीक्षा के बाद छात्रों की मासिक परीक्षा करवाए जाने पर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जब वार्षिक परीक्षा संपन्न हो गई थी, तो इसके बाद मासिक परीक्षा का कोई औचित्य नहीं है।
संघ की बैठक में जिलाध्यक्ष श्याम सिंह सरियाल ने कहा कि वर्तमान में वार्षिक परीक्षाएं संपन्न हो गई है, लेकिन विभाग कक्षा छह, सात और आठ की मासिक परीक्षाएं करवा रही है। संघ के संरक्षक डा. हेमंत पैन्यूली ने कहा कि सरकार को मासिक परीक्षाएं नहीं, बल्कि नए सत्र में शिक्षा के सुधार होते वर्षवर की गतिविधियों के लिए चार्ट बनाना चाहिए। संघ के जिला प्रवक्ता कमल नयन रतूड़ी ने कहा कि विभाग शिक्षकों पर अव्यवहारिक निर्णय थोप कर हंसी का पात्र बन रहा है। इस मौके पर जिला मंत्री लक्ष्मण रावत, लोकेंद्र रावत, उपेंद्र मैठाणी, भगवती टम्टा, हरीश रावत, बुद्धि भट्ट, अरविंद कोठियाल, यशपाल रावत, संजय रावत, अतुल कौशिक आदि मौजूद थे। ब्यूरो
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संघ की बैठक में जिलाध्यक्ष श्याम सिंह सरियाल ने कहा कि वर्तमान में वार्षिक परीक्षाएं संपन्न हो गई है, लेकिन विभाग कक्षा छह, सात और आठ की मासिक परीक्षाएं करवा रही है। संघ के संरक्षक डा. हेमंत पैन्यूली ने कहा कि सरकार को मासिक परीक्षाएं नहीं, बल्कि नए सत्र में शिक्षा के सुधार होते वर्षवर की गतिविधियों के लिए चार्ट बनाना चाहिए। संघ के जिला प्रवक्ता कमल नयन रतूड़ी ने कहा कि विभाग शिक्षकों पर अव्यवहारिक निर्णय थोप कर हंसी का पात्र बन रहा है। इस मौके पर जिला मंत्री लक्ष्मण रावत, लोकेंद्र रावत, उपेंद्र मैठाणी, भगवती टम्टा, हरीश रावत, बुद्धि भट्ट, अरविंद कोठियाल, यशपाल रावत, संजय रावत, अतुल कौशिक आदि मौजूद थे। ब्यूरो
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