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नंदा गौरा योजना के लिए बाल विकास में होंगे आवेदन
Updated Thu, 22 Feb 2018 10:54 PM IST
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नई टिहरी। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित गौरा देवी कन्याधन योजना का सरकार ने नाम और विभाग बदल दिया है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग नंदा गौरा के नाम से योजना का संचालन करेगा।
बालिका के जन्म से शुरू होने वाली योजना का संचालन अभी तक समाज कल्याण विभाग करता था, लेकिन एक जुलाई 2017 के आदेश के अनुसार अब महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग नंदा गौरा के नाम से संचालन करेगा। योजना के तहत बालिका के जन्म पर प्रथम किश्त के रूप में पांच हजार, एक वर्ष पूरे होने पर द्वितीय किश्त पांच हजार, नवीं कक्षा में प्रवेश हेतु तृतीय किश्त पांच हजार, 11वीं में प्रवेश पर पांच हजार, डिप्लोमा व स्नातक में प्रवेश पर पांच हजार, डिप्लोमा, स्नातक करने पर 10 हजार और विवाह के अवसर पर 16 हजार की धनराशि दी जाती है। जिला कार्यक्रम अधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि पात्र लाभार्थी के ग्रामीण क्षेत्र के परिवार की आय 36 हजार और शहरी क्षेत्र में वार्षिक आय 42 हजार से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए एसडीएम के ओर से जारी स्थाई निवास प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर, बैंक एकाउंट उपलब्ध करवाना जरूरी है। बताया कि एक जुलाई 2017 के बाद जन्म लेने वाली बालिकाओं अथवा एक वर्ष की होने वाली व विवाह करनी वाली, कक्षा नौ, 11, डिप्लोमा में प्रवेश, उत्तीर्ण करनी वाले किशोरियां आवेदन कर सकती हैं। बताया कि योजना के संबंध में अधिक जानकारी संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
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बालिका के जन्म से शुरू होने वाली योजना का संचालन अभी तक समाज कल्याण विभाग करता था, लेकिन एक जुलाई 2017 के आदेश के अनुसार अब महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग नंदा गौरा के नाम से संचालन करेगा। योजना के तहत बालिका के जन्म पर प्रथम किश्त के रूप में पांच हजार, एक वर्ष पूरे होने पर द्वितीय किश्त पांच हजार, नवीं कक्षा में प्रवेश हेतु तृतीय किश्त पांच हजार, 11वीं में प्रवेश पर पांच हजार, डिप्लोमा व स्नातक में प्रवेश पर पांच हजार, डिप्लोमा, स्नातक करने पर 10 हजार और विवाह के अवसर पर 16 हजार की धनराशि दी जाती है। जिला कार्यक्रम अधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि पात्र लाभार्थी के ग्रामीण क्षेत्र के परिवार की आय 36 हजार और शहरी क्षेत्र में वार्षिक आय 42 हजार से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए एसडीएम के ओर से जारी स्थाई निवास प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर, बैंक एकाउंट उपलब्ध करवाना जरूरी है। बताया कि एक जुलाई 2017 के बाद जन्म लेने वाली बालिकाओं अथवा एक वर्ष की होने वाली व विवाह करनी वाली, कक्षा नौ, 11, डिप्लोमा में प्रवेश, उत्तीर्ण करनी वाले किशोरियां आवेदन कर सकती हैं। बताया कि योजना के संबंध में अधिक जानकारी संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
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