{"_id":"5a7b34f34f1c1b86268b8d68","slug":"151802413817-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमांत गांवों का सड़क से जुडने का सपना कब होगा पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमांत गांवों का सड़क से जुडने का सपना कब होगा पूरा
Updated Wed, 07 Feb 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घनसाली (टिहरी)। राज्य गठन के 17 साल बाद भी भिलंगना ब्लॉक के चार सीमांत गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं, जिससे वहां के लोगों को 10 से 15 किमी पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। सड़क बनाने के लिए गांव के लोग कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
भिलंगना ब्लॉक के सीमांत गांव गंगी, गेंवाली, पिनस्वाड़ और गेंवली आदि गांव की 2236 की आबादी सड़क के बिना विकट परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। राज्य गठन के बाद सीमांत क्षेत्र के लोगों को सड़क से जुडने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक उनकी आस पूरी नहीं हो पाई है। पृथक राज्य गठन के साथ सीमांत क्षेत्रों को सड़क से जोडने लिए स्व. इंद्रमणी बडोनी ने पौड़ी में भूखहड़ताल भी की थी, लेकिन अभी तक सरकार गांवों को सड़क से जोड़ने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। सड़क बनने से जहां ग्रामीणों की मुश्किलें कम होती, वहीं प्राकृतिक सौंदर्य समेटे खतलिंग, पंवाली, भांसरताल, हटकुणी आदि बुग्यालों तक पर्यटकों की पहुंच भी सरल होती। प्रधान बचन सिंह रावत, नैन सिंह, धर्म सिंह, गोपाल सिंह, भरत सिंह का कहना है कि कई बार आंदोलन करने पर भी गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। हालांकि पीएमजीएसवाई गंगी- रीह और अगुंडा-पिनस्वाड़ सड़क निर्माण कर रहा है, लेकिन कार्यगति धीमी होने से लंबे समय से कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
पिनस्वाड़ और गंगी मोटर मार्ग का कार्य दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। गेंवाली गांव के लिए डीपीआर बना कर वन भूमि हस्तांतरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
-राजेश कुमार, ईई, पीएमजीएसवाई नई टिहरी।
विज्ञापन
भिलंगना ब्लॉक के सीमांत गांव गंगी, गेंवाली, पिनस्वाड़ और गेंवली आदि गांव की 2236 की आबादी सड़क के बिना विकट परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। राज्य गठन के बाद सीमांत क्षेत्र के लोगों को सड़क से जुडने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक उनकी आस पूरी नहीं हो पाई है। पृथक राज्य गठन के साथ सीमांत क्षेत्रों को सड़क से जोडने लिए स्व. इंद्रमणी बडोनी ने पौड़ी में भूखहड़ताल भी की थी, लेकिन अभी तक सरकार गांवों को सड़क से जोड़ने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। सड़क बनने से जहां ग्रामीणों की मुश्किलें कम होती, वहीं प्राकृतिक सौंदर्य समेटे खतलिंग, पंवाली, भांसरताल, हटकुणी आदि बुग्यालों तक पर्यटकों की पहुंच भी सरल होती। प्रधान बचन सिंह रावत, नैन सिंह, धर्म सिंह, गोपाल सिंह, भरत सिंह का कहना है कि कई बार आंदोलन करने पर भी गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। हालांकि पीएमजीएसवाई गंगी- रीह और अगुंडा-पिनस्वाड़ सड़क निर्माण कर रहा है, लेकिन कार्यगति धीमी होने से लंबे समय से कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
पिनस्वाड़ और गंगी मोटर मार्ग का कार्य दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। गेंवाली गांव के लिए डीपीआर बना कर वन भूमि हस्तांतरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
-राजेश कुमार, ईई, पीएमजीएसवाई नई टिहरी।