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पीएमजीएसवाई और जल संस्थान की लापरवाही पड़ रही भारी
Updated Tue, 06 Feb 2018 10:41 PM IST
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नई टिहरी। पीएमजीएसवाई और जल संस्थान की लापरवाही आईटीआई के छात्र-छात्राओं और तीन गांव के ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। लाटा-सीताकोट सड़क निर्माण से वर्ष 2014-15 में चमियाला आईटीआई पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हुई थी, लेकिन तीन साल बाद भी योजना की मरम्मत नहीं हो पाई। पीएमजीएसवाई सड़क से योजना के क्षतिग्रस्त होने से अनविज्ञयता जता रहा है, वहीं जल संस्थान पीएमजीएसवाई पर योजना के मरम्मत को पैसा न देने का आरोप लगाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है, जिसका खामियाजा बच्चों और ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है।
जल निगम ने आईटीआई चमियाला, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूल के छात्रों, सिताकोट, सुनारगांव, केमरियासौड़ के ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने को वर्ष 2009-10 में 90 लाख की लागत से पेयजल योजना बनाकर जल संस्थान को हैंडओवर की थी, लेकिन योजना से केवल दो-तीन साल ही पेयजल उपलब्ध हो पाया। जून 2013 में आई आपदा के कारण कई माह पेयजल योजना से आपूर्ति ठप रही। वर्ष 2014-15 में पीएमजीएसवाई की लाटा-सिताकोट सड़क के विस्तारीकरण के कारण पेयजल योजना का स्रोत क्षतिग्रस्त हो गया। तीन साल बाद भी न तो पीएमजीएसवाई ने योजना के मरम्मत को बजट दिया और न ही जल संस्थान ने अपने स्तर से योजना के पुनर्निर्माण की जहमत उठाई। इसके चलते आईटीआई के डेढ़ दर्जन स्टाफ, 50 से अधिक छात्रों, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्रों समेत तीनों गांव की एक हजार आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। आईटीआई में पानी न होने के चलते शौचालयों पर ताले लटके हुए हैं। मध्याह्न भोजन हेतु पीने के लिए आधा किमी दूर हैंडपंप का सहारा लिया जा रहा है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रजनी नेगी, बलदेव सिंह नेगी, जीतराम रतूड़ी आदि का कहना है कि जल संस्थान को कई बार अवगत कराने पर भी मरम्मत नहीं करवा रहे हैं।
पीएमजीएसवाई की सड़क से योजना का स्रोत क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी मरम्मत हेतु पीएमजीएसवाई से पांच लाख मांगी गई थी, लेकिन विभाग ने धनराशि नहीं दी। विभाग के पास योजना के मरम्मत को बजट नहीं है।
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-अभिषेक वर्मा, ईई जल संस्थान घनसाली।
आईटीआई चमियाला पेयजल योजना के सड़क से क्षतिग्रस्त होने के संबंध में कोई भी जानकारी नहीं है और न ही जल संस्थान ने इसकी सूचना दी है।
-आरके सिंह, ईई पीएमजीएसवाई नई टिहरी।
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जल निगम ने आईटीआई चमियाला, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूल के छात्रों, सिताकोट, सुनारगांव, केमरियासौड़ के ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने को वर्ष 2009-10 में 90 लाख की लागत से पेयजल योजना बनाकर जल संस्थान को हैंडओवर की थी, लेकिन योजना से केवल दो-तीन साल ही पेयजल उपलब्ध हो पाया। जून 2013 में आई आपदा के कारण कई माह पेयजल योजना से आपूर्ति ठप रही। वर्ष 2014-15 में पीएमजीएसवाई की लाटा-सिताकोट सड़क के विस्तारीकरण के कारण पेयजल योजना का स्रोत क्षतिग्रस्त हो गया। तीन साल बाद भी न तो पीएमजीएसवाई ने योजना के मरम्मत को बजट दिया और न ही जल संस्थान ने अपने स्तर से योजना के पुनर्निर्माण की जहमत उठाई। इसके चलते आईटीआई के डेढ़ दर्जन स्टाफ, 50 से अधिक छात्रों, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्रों समेत तीनों गांव की एक हजार आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। आईटीआई में पानी न होने के चलते शौचालयों पर ताले लटके हुए हैं। मध्याह्न भोजन हेतु पीने के लिए आधा किमी दूर हैंडपंप का सहारा लिया जा रहा है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रजनी नेगी, बलदेव सिंह नेगी, जीतराम रतूड़ी आदि का कहना है कि जल संस्थान को कई बार अवगत कराने पर भी मरम्मत नहीं करवा रहे हैं।
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पीएमजीएसवाई की सड़क से योजना का स्रोत क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी मरम्मत हेतु पीएमजीएसवाई से पांच लाख मांगी गई थी, लेकिन विभाग ने धनराशि नहीं दी। विभाग के पास योजना के मरम्मत को बजट नहीं है।
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-अभिषेक वर्मा, ईई जल संस्थान घनसाली।
आईटीआई चमियाला पेयजल योजना के सड़क से क्षतिग्रस्त होने के संबंध में कोई भी जानकारी नहीं है और न ही जल संस्थान ने इसकी सूचना दी है।
-आरके सिंह, ईई पीएमजीएसवाई नई टिहरी।