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शौचालय निर्माण में गड़बड़ झाला, सूचना के अधिकार में हुआ खुलासा
Updated Tue, 26 Dec 2017 10:33 PM IST
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घनसाली (टिहरी)। स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन के तहत भिलंगना ब्लॉक के ग्राम पंचायत अंथवाल गांव में गड़बड़ झाला होने का मामला प्रकाश में आया है। स्वजल विभाग और ग्राम प्रधान की मिलीभगत से आधा दर्जन परिवारों को दो बार शौचालय निर्माण के लिए धनराशि दी गई है। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचनाओं के आधार पर इसका खुलासा हुआ है।
आरटीआई कार्यकर्ता जयदीप अंथवाल ने स्वजल विभाग से ग्राम पंचायत अंथवाल गांव में किए गए विकास कार्यों की सूचना मांगी थी। उन्होंने विभाग से 2014-15 और 2017-18 में स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन योजना के तहत गांव के लोगों को शौचालय निर्माण के लिए दी गई धनराशी व लाभान्वित परिवारों की सूची मांगी थी। प्रधान ने 2014-15 में ग्रामीणों की सूची में चैता देवी पत्नी महिमानंद, अंकिता पुत्री कमल नयन, देवेंद्र दत्त पुत्र जटेराम, गायत्री देवी पत्नी सूर्यमणी, कमल नयन पुत्र श्रीलाल, श्यामादेवी पत्नी बरसु को 5100 रुपये के हिसाब से चेक और डिमांड ड्राफ्ट से भुगतान करने की सूचना दी। स्वजल विभाग ने भी वर्ष 2017-18 में इन लोगों को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये के हिसाब से खातों में भुगतान करने की सूचना दी है।
आरटीआई कार्यकर्ता जयदीप अंथवाल ने आरोप लगाया है कि शौचालय निर्माण में सरकारी धन का गबन किया गया है। एक ही परिवार को दो-दो बार योजना का लाभ कैसे दिया गया है। उन्होंने डीएम से गड़बड़ी की जांच कराने की मांग की है।
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कोट
कुछ ग्राम पंचायतों में दो-दो बार शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भुगतान होने की शिकायत मिल रही है। उनकी जांच कराई जा रही है। यदि अंथवाल गंाव में भी ऐसा हुआ है, तो संबधित अधिकारियों, प्रधानों और लोगों से राजस्व की वसूली की जाएगी।
-सतीश नौटियाल, परियोजना प्रबंधक स्वजल टिहरी।
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आरटीआई कार्यकर्ता जयदीप अंथवाल ने स्वजल विभाग से ग्राम पंचायत अंथवाल गांव में किए गए विकास कार्यों की सूचना मांगी थी। उन्होंने विभाग से 2014-15 और 2017-18 में स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन योजना के तहत गांव के लोगों को शौचालय निर्माण के लिए दी गई धनराशी व लाभान्वित परिवारों की सूची मांगी थी। प्रधान ने 2014-15 में ग्रामीणों की सूची में चैता देवी पत्नी महिमानंद, अंकिता पुत्री कमल नयन, देवेंद्र दत्त पुत्र जटेराम, गायत्री देवी पत्नी सूर्यमणी, कमल नयन पुत्र श्रीलाल, श्यामादेवी पत्नी बरसु को 5100 रुपये के हिसाब से चेक और डिमांड ड्राफ्ट से भुगतान करने की सूचना दी। स्वजल विभाग ने भी वर्ष 2017-18 में इन लोगों को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये के हिसाब से खातों में भुगतान करने की सूचना दी है।
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आरटीआई कार्यकर्ता जयदीप अंथवाल ने आरोप लगाया है कि शौचालय निर्माण में सरकारी धन का गबन किया गया है। एक ही परिवार को दो-दो बार योजना का लाभ कैसे दिया गया है। उन्होंने डीएम से गड़बड़ी की जांच कराने की मांग की है।
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कुछ ग्राम पंचायतों में दो-दो बार शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भुगतान होने की शिकायत मिल रही है। उनकी जांच कराई जा रही है। यदि अंथवाल गंाव में भी ऐसा हुआ है, तो संबधित अधिकारियों, प्रधानों और लोगों से राजस्व की वसूली की जाएगी।
-सतीश नौटियाल, परियोजना प्रबंधक स्वजल टिहरी।