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नन्हें-मुन्ने छात्रों ने उत्सव में लगाए चार चांद
Updated Mon, 11 Dec 2017 10:42 PM IST
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नई टिहरी। आल सेंट कान्वेंट स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक उत्सव में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग प्रस्तुति दी। इस मौके पर वर्षभर की विभिन्न गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया।
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी सोनिका ने उत्सव का शुभारंभ करते कहा कि बच्चों का मन मस्तिष्क कोरे कागज की तरह साफ होता है, उसके जिस तरह की शिक्षा एवं संस्कार देेंगे, वैसे ही बच्चे सिखेंगे। विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्रीकांत पांडेय ने शिक्षा के साथ ही छात्रों के संर्वागीण विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की संयुक्त जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों बेहतरीन शैक्षणिक विकास हो। कान्वेंट के बिजनौर संभाग के सचिव फादर जोन चाकनैट ने छात्र-छात्राओं के बेहतर भविष्य बनाने के लिए मोबाइल एवं वाहन चलाने से दूर रखने की सलाह दी। प्रधानाचार्य सिस्टर एनसी एवं फादर मैनेजर सोजन जोजफ ने स्कूल की वार्षिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए भविष्य की रणनीतियों के बारे में जारी दी। छात्रों ने चंदा चमके चमचम, चैता की चैतव्ली, उड़ी-उड़ी जाए दिल की पतंग, मेरी क्रसमस समेत कई गढ़वाली, कुमाऊंनी, राजस्थानी, गुजराती आदि गीतों पर प्रस्तुति दी। इस मौके पर एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्र, थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा, जाखणीधार की प्रमुख बेबी असवाल, विक्रम कठैत, सोमेन मुखर्जी, बीपी बड़ोनी, संगीता चौहान, ऋषिका नाथ, लाजवंति रौथाण, चरणप्रीत, सुनैना, वंदना आदि मौजूद थे।
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मुख्य अतिथि जिलाधिकारी सोनिका ने उत्सव का शुभारंभ करते कहा कि बच्चों का मन मस्तिष्क कोरे कागज की तरह साफ होता है, उसके जिस तरह की शिक्षा एवं संस्कार देेंगे, वैसे ही बच्चे सिखेंगे। विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्रीकांत पांडेय ने शिक्षा के साथ ही छात्रों के संर्वागीण विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की संयुक्त जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों बेहतरीन शैक्षणिक विकास हो। कान्वेंट के बिजनौर संभाग के सचिव फादर जोन चाकनैट ने छात्र-छात्राओं के बेहतर भविष्य बनाने के लिए मोबाइल एवं वाहन चलाने से दूर रखने की सलाह दी। प्रधानाचार्य सिस्टर एनसी एवं फादर मैनेजर सोजन जोजफ ने स्कूल की वार्षिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए भविष्य की रणनीतियों के बारे में जारी दी। छात्रों ने चंदा चमके चमचम, चैता की चैतव्ली, उड़ी-उड़ी जाए दिल की पतंग, मेरी क्रसमस समेत कई गढ़वाली, कुमाऊंनी, राजस्थानी, गुजराती आदि गीतों पर प्रस्तुति दी। इस मौके पर एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्र, थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा, जाखणीधार की प्रमुख बेबी असवाल, विक्रम कठैत, सोमेन मुखर्जी, बीपी बड़ोनी, संगीता चौहान, ऋषिका नाथ, लाजवंति रौथाण, चरणप्रीत, सुनैना, वंदना आदि मौजूद थे।
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