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प्रतापनगर की सड़कों के निर्माण को नहीं मिला बजट
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:39 PM IST
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नई टिहरी। प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र की मांजफ-घोल्डाणी, ओनालगांव-कोटालगांव, ओणगड़ा-चमसौड़-मुड़ क्यारी मोटर मार्ग का निर्माण स्वीकृति के एक साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों से लेकर चारधाम यात्रा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे तीनों मार्गों का निर्माण होने से लोगों की आवागमन की राह आसान होनी थी। लेकिन समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से बजट आवंटित नहीं हो पाया है।
ढुंगमंदार, ओण पट्टी को जोड़ने के लिए मांजफ-तेलुंगा से घोल्डाणी आठ किमी, ओनालगांव-कोटालगांव पांच किमी, ओणगड़ा-चमसौड़-मुड़ क्यारी मोटर मार्ग की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति पूर्ववर्ती सरकार ने सिंतबर-अक्तूबर 2016 में दी थी। 18 किमी लंबी इन दोनों सड़कों का निर्माण दस करोड़ की लागत से होना था। सड़कों के निर्माण होने से मांजफ, घोल्डाणी, खेत, धनागांव, मंदार, भटवाड़ा, कस्तल, म्यूड़ी, ओनालगांव, कोटालगांव, तिनवालगांव, जिबाला, भेलुंता, प्रतापनगर ब्लाक, तहसील मुख्यालय समेत दर्जनों गांव के लोगों को आवागमन में सुविधा होनी थी। साथ ही गंगोत्री-यमुनोत्री से तीर्थयात्री मांजफ-घोल्डाणी-मंदार मोटर मार्ग से घनसाली होते हुए केदारनाथ, बदरीनाथ जाने में भी दूरी 40 किमी कम होती। वर्तमान में क्षेत्र के लोग लंबगांव-रजाखेत एवं लंबगांव चमियाल मार्ग से आवाजाही समय और किराया भी ज्यादा देना पड़ रहा है। मांजफ-घोल्डानी, ओनालगांव-कोटालगांव के लोनिवि ने निविदा भी निकाल दी थी। लेकिन तब तक विस चुनाव की आचार संहिता लग गई। इसके बाद नई सरकार से बजट नहीं मिलने से तीनों सड़कों का निर्माण अधर में लटक गया।
कोट
लोनिवि को सड़क निर्माण में आड़े आ रही दिक्कतों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि शासन ने बजट नहीं मिला है, तो जल्द सीएम से वार्ता कर बजट उपलब्ध करवाया जाएगा।
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-विजय सिंह पंवार, विधायक प्रतापनगर।
जारी-विजय दास।
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ढुंगमंदार, ओण पट्टी को जोड़ने के लिए मांजफ-तेलुंगा से घोल्डाणी आठ किमी, ओनालगांव-कोटालगांव पांच किमी, ओणगड़ा-चमसौड़-मुड़ क्यारी मोटर मार्ग की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति पूर्ववर्ती सरकार ने सिंतबर-अक्तूबर 2016 में दी थी। 18 किमी लंबी इन दोनों सड़कों का निर्माण दस करोड़ की लागत से होना था। सड़कों के निर्माण होने से मांजफ, घोल्डाणी, खेत, धनागांव, मंदार, भटवाड़ा, कस्तल, म्यूड़ी, ओनालगांव, कोटालगांव, तिनवालगांव, जिबाला, भेलुंता, प्रतापनगर ब्लाक, तहसील मुख्यालय समेत दर्जनों गांव के लोगों को आवागमन में सुविधा होनी थी। साथ ही गंगोत्री-यमुनोत्री से तीर्थयात्री मांजफ-घोल्डाणी-मंदार मोटर मार्ग से घनसाली होते हुए केदारनाथ, बदरीनाथ जाने में भी दूरी 40 किमी कम होती। वर्तमान में क्षेत्र के लोग लंबगांव-रजाखेत एवं लंबगांव चमियाल मार्ग से आवाजाही समय और किराया भी ज्यादा देना पड़ रहा है। मांजफ-घोल्डानी, ओनालगांव-कोटालगांव के लोनिवि ने निविदा भी निकाल दी थी। लेकिन तब तक विस चुनाव की आचार संहिता लग गई। इसके बाद नई सरकार से बजट नहीं मिलने से तीनों सड़कों का निर्माण अधर में लटक गया।
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लोनिवि को सड़क निर्माण में आड़े आ रही दिक्कतों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि शासन ने बजट नहीं मिला है, तो जल्द सीएम से वार्ता कर बजट उपलब्ध करवाया जाएगा।
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-विजय सिंह पंवार, विधायक प्रतापनगर।
जारी-विजय दास।