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सरहदों की दूरिया कम करने को तैयार किया प्रस्ताव
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:42 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। टिहरी झील की सरहदों के आरपार बसे गुसाईं पट्टी और दिचलीगमरी पट्टी के गांवों के आवागमन के लिए अब ट्राली लगाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। चिन्यालीसौड़ और थौलधार की ब्लॉक प्रमुख ने संयुक्त प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री को प्रेषित किया है। सीएम से जन भावनाओं के अनुरूप ट्राली निर्माण करने की मांग की गई।
वर्ष 2005 में छामतलसौड़ में बना पुल टिहरी झील में समा गया था। तब से उत्तरकाशी जिले के दिचलीगमरी पट्टी के दर्जनों गांवों और टिहरी के गुसाईं पट्टी के गांवों के बीच दूरियां बढ़ गई है। झील से आरपार जाने के लिए एक मात्र साधन बोट (नाव) है। गुसाईं पट्टी के धरवाल गांव, सुनारगांव, कंडीसौड़, जसपुर, पदोगी, रमोलसारी, धरोगी, कौशल और इडियान और दिचलीगमरी के बल्डोगी, खालसी, मणि, बरोल, वनकोट, क्यारी, सर्फ आदि दर्जनों गांवों के लोगों को नाते रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए बोट पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
झील तक पहुंचने के लिए रास्तों का अभाव बना हुआ है। समस्या के समाधान के लिए स्थानीय लोग वर्षों से छाम तलसौड़ में झूला पुल या रोपवे बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक की सरकारों ने जनता की समस्या पर ध्यान नहीं दिया। चिन्यालीसौड़ के ब्लॉक प्रमुख विजेंद्र रावत और थौलधार की प्रमुख बबीता शाह ने प्रस्ताव तैयार कर झील से आरपार जाने के लिए ट्राली लगाने की मांग की है। सीएम को भेजे प्रस्ताव में उन्होंने कहा है कि शाम छह बजे बाद झील में बोट का संचालन नहीं होता है, जिससे झील के आरपार बसे गांवों के लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए 45 किमी का सफर वाहन बुक कराकर करना पड़ता है। ज्ञापन पर बुद्धि सिंह बिष्ट, उम्मेद सिंह बिष्ट, तारादत्त थपलियाल, जयेंद्र सिंह राणा, नयाल सिंह पुरुसोड़ा व देव चंद पुरुसोड़ा के हस्ताक्षर हैं।
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वर्ष 2005 में छामतलसौड़ में बना पुल टिहरी झील में समा गया था। तब से उत्तरकाशी जिले के दिचलीगमरी पट्टी के दर्जनों गांवों और टिहरी के गुसाईं पट्टी के गांवों के बीच दूरियां बढ़ गई है। झील से आरपार जाने के लिए एक मात्र साधन बोट (नाव) है। गुसाईं पट्टी के धरवाल गांव, सुनारगांव, कंडीसौड़, जसपुर, पदोगी, रमोलसारी, धरोगी, कौशल और इडियान और दिचलीगमरी के बल्डोगी, खालसी, मणि, बरोल, वनकोट, क्यारी, सर्फ आदि दर्जनों गांवों के लोगों को नाते रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए बोट पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
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झील तक पहुंचने के लिए रास्तों का अभाव बना हुआ है। समस्या के समाधान के लिए स्थानीय लोग वर्षों से छाम तलसौड़ में झूला पुल या रोपवे बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक की सरकारों ने जनता की समस्या पर ध्यान नहीं दिया। चिन्यालीसौड़ के ब्लॉक प्रमुख विजेंद्र रावत और थौलधार की प्रमुख बबीता शाह ने प्रस्ताव तैयार कर झील से आरपार जाने के लिए ट्राली लगाने की मांग की है। सीएम को भेजे प्रस्ताव में उन्होंने कहा है कि शाम छह बजे बाद झील में बोट का संचालन नहीं होता है, जिससे झील के आरपार बसे गांवों के लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए 45 किमी का सफर वाहन बुक कराकर करना पड़ता है। ज्ञापन पर बुद्धि सिंह बिष्ट, उम्मेद सिंह बिष्ट, तारादत्त थपलियाल, जयेंद्र सिंह राणा, नयाल सिंह पुरुसोड़ा व देव चंद पुरुसोड़ा के हस्ताक्षर हैं।
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