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सड़क का मलबा खेतों में डाल रहा बीआरओ
Updated Mon, 09 Oct 2017 10:39 PM IST
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नई टिहरी। चंबा-धरासू मोटर मार्ग के चौड़ीकरण का मलबा काश्तकारों के खेतों में डालने पर भूस्वामियों ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के प्रति कड़ा रोष जताया है। उन्होंने डीएम को दिए ज्ञापन में मलबा डंप करने पर रोक लगाने और खेतों में फलदार पेड़ों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
बीआरओ कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण कार्य कर रहा है, लेकिन मिट्टी-पत्थर एक जगह डंप करने के बजाए मनमर्जी से काश्तकारों के खेतों में डाल रहा है। जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बीआरओ से कई बार आपत्ति जताने पर भी वह मनमानी कर रहे हैं। काश्तकार शांति प्रसाद सकलानी, मदन सकलानी और दर्शन लाल ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि बीआरओ बगैर भूमि अधिग्रहण किए इधर-उधर से लाई गई मिट्टी जुगड़गांव में सुल्याधार के बमदरी नामे तोक में उनकी भूमि पर डाल रहे हैं, जिससे जमीन पर लगाए गए अखरोट, आंवला, नींबू और संतरे के कई फलदार पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचा है। पीड़ित काश्तकारों ने बीआरओ को मलबा डालने पर रोक लगाने और नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
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बीआरओ कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण कार्य कर रहा है, लेकिन मिट्टी-पत्थर एक जगह डंप करने के बजाए मनमर्जी से काश्तकारों के खेतों में डाल रहा है। जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बीआरओ से कई बार आपत्ति जताने पर भी वह मनमानी कर रहे हैं। काश्तकार शांति प्रसाद सकलानी, मदन सकलानी और दर्शन लाल ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि बीआरओ बगैर भूमि अधिग्रहण किए इधर-उधर से लाई गई मिट्टी जुगड़गांव में सुल्याधार के बमदरी नामे तोक में उनकी भूमि पर डाल रहे हैं, जिससे जमीन पर लगाए गए अखरोट, आंवला, नींबू और संतरे के कई फलदार पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचा है। पीड़ित काश्तकारों ने बीआरओ को मलबा डालने पर रोक लगाने और नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
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