{"_id":"59d906784f1c1b87698b48bf","slug":"15073952488-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल बैन के सहारे तीन सौ गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल बैन के सहारे तीन सौ गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनबाग (टिहरी)। नैनबाग में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर पर्दा डालने के लिए कभी-कभार मोबाइल वैन के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं संचालित कर इतिश्री की जा रही है, जिसका खामियाजा क्षेत्र के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
नैनबाग स्वास्थ्य केंद्र में देहरादून जिले के जौनसार, उत्तरकाशी के गोडर, खाटर, डामटा और जौनपुर क्षेत्र के तीन सौ से अधिक गांवों का नजदीकि स्वास्थ्य केंद्र है। हाईवे पर आए दिन होने वाली दुर्घटना में घायलों को समय पर उचित इलाज नहीं मिलने पर कई लोग अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं। हाईवे पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाएं और क्षेत्र की बड़ी आबादी को देखते हुए पीएचसी के उच्चीकरण की मांग करने पर दिसंबर 2011 में भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे खजान दास ने उच्चीकरण की घोषणा कर सीएचसी का शिलान्यास भी किया था, जिसके लिए प्रथम चरण में 4.43 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई थी। मार्च 2012 में कांग्रेस सरकार में उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने सीएचसी की डीपीआर तैयार कर 420.51 लाख की डिमांड भेजी थी। वर्ष 2013 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने भी स्वीकृति प्रदान की थी, लेकिन बजट के अभाव में वित्तीय स्वीकृति नही मिल पाई। सीएमओ डा. योगेंद्र थपलियाल का कहना है कि नैनबाग पीएचसी को सीएचसी में उच्चीकृत करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट जारी होने के बाद ही उच्चीकरण की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
विज्ञापन
नैनबाग स्वास्थ्य केंद्र में देहरादून जिले के जौनसार, उत्तरकाशी के गोडर, खाटर, डामटा और जौनपुर क्षेत्र के तीन सौ से अधिक गांवों का नजदीकि स्वास्थ्य केंद्र है। हाईवे पर आए दिन होने वाली दुर्घटना में घायलों को समय पर उचित इलाज नहीं मिलने पर कई लोग अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं। हाईवे पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाएं और क्षेत्र की बड़ी आबादी को देखते हुए पीएचसी के उच्चीकरण की मांग करने पर दिसंबर 2011 में भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे खजान दास ने उच्चीकरण की घोषणा कर सीएचसी का शिलान्यास भी किया था, जिसके लिए प्रथम चरण में 4.43 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई थी। मार्च 2012 में कांग्रेस सरकार में उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने सीएचसी की डीपीआर तैयार कर 420.51 लाख की डिमांड भेजी थी। वर्ष 2013 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने भी स्वीकृति प्रदान की थी, लेकिन बजट के अभाव में वित्तीय स्वीकृति नही मिल पाई। सीएमओ डा. योगेंद्र थपलियाल का कहना है कि नैनबाग पीएचसी को सीएचसी में उच्चीकृत करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट जारी होने के बाद ही उच्चीकरण की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
विज्ञापन