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वित विहीन स्कूलों को दो साल से नहीं मिली आरटीई बच्चों की फीस
Updated Wed, 13 Sep 2017 10:39 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। पर्वतीय वित्त विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालय संगठन की बैठक में सरकार पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रति उदासीनता बरतने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की उपेक्षा के चलते दो साल से आरटीई तहत पढ़ने वाले बच्चों की फीस, ड्रेस और भोजन का पैसा नहीं मिला है।
कमांद में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन करते हुए 25 फीसदी गरीब बच्चों को भी शिक्षा दे रहे हैं, लेकिन सरकार के उपेक्षा के चलते स्कूलों को मिलने वाली फीस, बच्चों के अभिभावकों को मिलने वाले ड्रेस, मध्याह्न भोजन का पैसा शिक्षा सत्र 2015-16 से लेकर वर्तमान तक नहीं दिया गया है, जिससे स्कूल आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने समस्या हल नहीं होने पर 30 को बीईओ कार्यालय में प्रदर्शन की चेतावनी दी। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष पीडी सेमवाल, सचिव प्रवीन जगुड़ी, विक्रम गुसाईं, गजेंद्र जुयाल, राजेंद्र नवाल, दिगंबर राणा, राजेंद्र राणा, राजेश नौटियाल आदि मौजूद थे। परीक्षा
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कमांद में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन करते हुए 25 फीसदी गरीब बच्चों को भी शिक्षा दे रहे हैं, लेकिन सरकार के उपेक्षा के चलते स्कूलों को मिलने वाली फीस, बच्चों के अभिभावकों को मिलने वाले ड्रेस, मध्याह्न भोजन का पैसा शिक्षा सत्र 2015-16 से लेकर वर्तमान तक नहीं दिया गया है, जिससे स्कूल आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने समस्या हल नहीं होने पर 30 को बीईओ कार्यालय में प्रदर्शन की चेतावनी दी। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष पीडी सेमवाल, सचिव प्रवीन जगुड़ी, विक्रम गुसाईं, गजेंद्र जुयाल, राजेंद्र नवाल, दिगंबर राणा, राजेंद्र राणा, राजेश नौटियाल आदि मौजूद थे। परीक्षा
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