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बांध की झील में बोट तक पैदल पहुंचना भी मुश्किल
Updated Mon, 07 Aug 2017 10:23 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। टिहरी बांध की झील में बोट तक पहुंचने के लिए दोनों ओर से पैदल रास्ता खस्ताहाल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि वे पुल बनने तक पैदल रास्ता बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन पुनर्वास निदेशालय इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
छाम-बैल्डोगी झूला पुल टिहरी बांध की झील में समाने के बाद से ही दोनों क्षेत्रों के लोग पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन पुनर्वास निदेशालय 11 साल बाद भी वहां पुल नहीं बना पाया है। झील के जलस्तर में उतार-चढ़ाव होने से पैदल रास्ता भी हर बार काफी क्षतिग्रस्त हो जाता है, लेकिन उसकी मरम्मत करने की जहमत कोई नहीं उठा रहा है। क्षेत्र के सोबन सिंह, मातबर सिंह, रामदयाल, सुंदर सिंह, कसरी देवी, उजला देवी और प्रेमा देवी ने पुनर्वास निदेशक को भेजे ज्ञापन में बताया कि टिहरी बांध की झील बनने के बाद से पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन कोई सुनने तो तैयार नहीं है। उन्होंने क्षेत्र को जोड़ने के लिए जल्द पुल का निर्माण कराने और झील में बोट तक पहुंचने के लिए खस्ताहाल पड़े पैदल रास्ते की मरम्मत कराने की मांग की है।
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छाम-बैल्डोगी झूला पुल टिहरी बांध की झील में समाने के बाद से ही दोनों क्षेत्रों के लोग पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन पुनर्वास निदेशालय 11 साल बाद भी वहां पुल नहीं बना पाया है। झील के जलस्तर में उतार-चढ़ाव होने से पैदल रास्ता भी हर बार काफी क्षतिग्रस्त हो जाता है, लेकिन उसकी मरम्मत करने की जहमत कोई नहीं उठा रहा है। क्षेत्र के सोबन सिंह, मातबर सिंह, रामदयाल, सुंदर सिंह, कसरी देवी, उजला देवी और प्रेमा देवी ने पुनर्वास निदेशक को भेजे ज्ञापन में बताया कि टिहरी बांध की झील बनने के बाद से पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन कोई सुनने तो तैयार नहीं है। उन्होंने क्षेत्र को जोड़ने के लिए जल्द पुल का निर्माण कराने और झील में बोट तक पहुंचने के लिए खस्ताहाल पड़े पैदल रास्ते की मरम्मत कराने की मांग की है।
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