{"_id":"59777a3e4f1c1b14348b4732","slug":"150100238210-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायरिया के चपेट में हलेथ, कोरदी और गैरी राजपूत के ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायरिया के चपेट में हलेथ, कोरदी और गैरी राजपूत के ग्रामीण
Updated Tue, 25 Jul 2017 10:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंबगांव (टिहरी)। प्रतापनगर के रौणद रमोली के गैरी राजपूतों की, कोरदी और हलेथ में कई ग्रामीण डायरिया के चपेट में हैं। मंगलवार को डाक्टरों की टीम ने गांवों में पहुंचकर 70 से अधिक ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां वितरित की। जबकि चार लोगों में डायरिया के लक्षण पाए गए हैं।
प्रतापनगर के गैरी राजपूतो, कोरदी, हलेथ गांव में 23 जुलाई से कई लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। 24 जुलाई को हलेथ गांव की सात वर्षीय अर्चना की हालात बिगड़ने से मौत हो गई थी, जबकि बचना देवी नई टिहरी और श्यामा देवी को ऋषिकेश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की सात सदस्यीय टीम ने गांवों में जाकर 70 से अधिक ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिनमें से चार लोगों में डायरिया के लक्षण पाए गए। डाक्टरों ने पीड़ितों का उपचार कर पानी को उबाल कर पीने, खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह की। डिप्टी सीएमओ डा. श्याम विजय ने बताया कि टीम ने गांव में स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां वितरित की है। बताया कि टीम ने गांव के ऊपर बने पेयजल टैंक के पानी का भी परीक्षण किया। परीक्षण में पाया गया कि टैंक से संक्रमित पानी की सप्लाई हो रही है। संक्रमित पानी पीने के कारण ही ग्रामीणों में डायरिया हुआ है। बताया कि ग्रामीणों को क्लोरीन की गोलियां भी वितरित की गई है। टीम में डा. धर्मावती, डा. सुभाष भट्ट, रमेश गौडं आदि शामिल थे।
विज्ञापन
प्रतापनगर के गैरी राजपूतो, कोरदी, हलेथ गांव में 23 जुलाई से कई लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। 24 जुलाई को हलेथ गांव की सात वर्षीय अर्चना की हालात बिगड़ने से मौत हो गई थी, जबकि बचना देवी नई टिहरी और श्यामा देवी को ऋषिकेश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की सात सदस्यीय टीम ने गांवों में जाकर 70 से अधिक ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिनमें से चार लोगों में डायरिया के लक्षण पाए गए। डाक्टरों ने पीड़ितों का उपचार कर पानी को उबाल कर पीने, खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह की। डिप्टी सीएमओ डा. श्याम विजय ने बताया कि टीम ने गांव में स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां वितरित की है। बताया कि टीम ने गांव के ऊपर बने पेयजल टैंक के पानी का भी परीक्षण किया। परीक्षण में पाया गया कि टैंक से संक्रमित पानी की सप्लाई हो रही है। संक्रमित पानी पीने के कारण ही ग्रामीणों में डायरिया हुआ है। बताया कि ग्रामीणों को क्लोरीन की गोलियां भी वितरित की गई है। टीम में डा. धर्मावती, डा. सुभाष भट्ट, रमेश गौडं आदि शामिल थे।
विज्ञापन