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बैंकों ने राजू को वसूली का नोटिस नहीं भेजा:डीएम
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:43 PM IST
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चंबा टिहरी। स्वाड़ी गांव में बृहस्पतिवार को काश्तकार की आत्महत्या मामले में प्रशासन ने कहा कि उसने दो अलग-अलग बैंकों से लोन जरूर लिया था, लेकिन बैंकों की तरफ से उसे वसूली के लिए कोई नोटिस नहीं भेजा गया था। इधर, कांग्रेस का आरोप है कि काश्तकार कोे कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। पार्टी ने उसके परिवार को मुआवजा देने और मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
बृहस्पतिवार सुबह स्वाड़ी गांव के निकट खेत में पुलिस ने राजकुमार (48) पुत्र मूसा कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया था। मृतक के मुंह से झाग निकल रहा था और शव के पास ही कीटनाशक की शीशी बरामद हुई थी। तहसीलदार टिहरी राधाकृष्ण सुयाल ने बताया कि मृतक ने वर्ष 1996 में साधन सहकारी समिति साबली से खच्चरों के लिए पांच हजार का ऋण लिया था, जिसका ब्याज सहित कुल बकाया 15,338 रुपये था लेकिन वसूली के लिए उसे कोई नोटिस नहीं भेजा गया था। मृतक ने 2013 में उत्तरांचल ग्रामीण बैंक से 40 हजार रुपये कृषि ऋण भी लिया था, जिसका लेन-देन सही चल रहा था। यहां से भी उसे कोई नोटिस नहीं भेजा गया था।
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वहीं, मृतक की पत्नी रोशनी देवी ने बताया कि बैंक के कर्ज की रकम को लेकर राजकुमार कई दिन से तनाव में था। मृतक के पास 7-8 नाली भूमि है और वह खेती के साथ ही मजदूरी भी करता था। पति का साया उठने के बाद सदमे में आई रोशनी देवी के सामने छह बच्चों के पालन-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।
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काश्तकार की आत्महत्या की बात सुनकर शुक्रवार को कांग्रेस प्रवक्ता शांति भट्ट, जिलाध्यक्ष सूरज राणा, ज्येष्ठ प्रमुख नरेंद्र रमोला और साहब सिंह सजवाण गांव पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजू बैंकों के कर्ज को अदा करने में सक्षम नहीं था, जिससे परेशान होकर उसे आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा।
कोट
आत्महत्या मामले की जांच की गई है। मृतक ने दो अलग-अलग बैंकों से कर्ज लिया था, लेकिन बैंकों ने ऋण वसूली के लिए मृतक को न तो कोई नोटिस भेजा है और ना ही आरसी काटी है। -सोनिका, डीएम टिहरी।
आत्महत्या के मामले में राजनीति करना गलत है। मृतक के परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी। -धन सिंह नेगी, विधायक टिहरी।