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वार्ता को उप्पू पहुंची टीम दूसरी बार भी खाली हाथ लौटी
Updated Sat, 15 Jul 2017 10:39 PM IST
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नई टिहरी। पुनर्वास की मांग को लेकर छह दिनों से धरने पर बैठे तल्ला उप्पू के ग्रामीणों के साथ प्रशासन और पुनर्वास निदेशालय के अधिकारियों की वार्ता विफल रही। धरना स्थल तक बांध की झील का पानी भरने की स्थिति में प्रशासन ने उन्हें जगह छोड़ने को कहा है। इस पर सहमत ग्रामीणों ने कहा कि तीन दिन में शासन स्तर से पुनर्वास को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो वह पानी भरने के बाद भी धरने पर डटे रहेंगे।
टिहरी बांध की झील के आरएल 780 मीटर पर धरना दे रहे तल्ला उप्पू के ग्रामीण पूर्ण पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। शनिवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम चतर सिंह चौहान, पुनर्वास निदेशालय के सहायक अभियंता राकेश थपलियाल पुलिस बल के साथ ग्रामीणों से वार्ता करने पहुंचे। अधिकारियों ने गांव के सभी 73 परिवारों को 4.40 लाख रुपये प्रति परिवार आर्थिक मदद देने का भरोसा दिया, लेकिन ग्रामीण पूर्ण विस्थापन की मांग को लेकर अड़े रहे। तीन घंटे तक चली वार्ता के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने धरना स्थल पर डटे रहने का निर्णय लिया। शनिवार को ही झील का जलस्तर आरएल 771.50 मीटर तक पहुंचने पर खतरे को देखते हुए एसडीएम ने उन्हें धरना स्थल छोड़ने को कहा। इस पर ग्रामीण धरनास्थल छोड़ने को तैयार हो गए, लेकिन सप्ताह भर में समस्या का समाधान का लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने 780 मीटर पर ही डटे रहने का निर्णय लिया है। वार्ता में प्रधान नरेंद्र राणा, प्रमोद नेगी, भरत सिंह रावत, सुरेश नौटियाल, जयपाल, शांता देवी, पुष्पा देवी, भवानी देवी, रामी देवी, रणवीर सिंह, रघुवीर सिंह, सोबत सीिंह, सतेंद्र नौटियाल, धर्मानंद नौटियाल और सोहन दास आदि शामिल थे।
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टिहरी बांध की झील के आरएल 780 मीटर पर धरना दे रहे तल्ला उप्पू के ग्रामीण पूर्ण पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। शनिवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम चतर सिंह चौहान, पुनर्वास निदेशालय के सहायक अभियंता राकेश थपलियाल पुलिस बल के साथ ग्रामीणों से वार्ता करने पहुंचे। अधिकारियों ने गांव के सभी 73 परिवारों को 4.40 लाख रुपये प्रति परिवार आर्थिक मदद देने का भरोसा दिया, लेकिन ग्रामीण पूर्ण विस्थापन की मांग को लेकर अड़े रहे। तीन घंटे तक चली वार्ता के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने धरना स्थल पर डटे रहने का निर्णय लिया। शनिवार को ही झील का जलस्तर आरएल 771.50 मीटर तक पहुंचने पर खतरे को देखते हुए एसडीएम ने उन्हें धरना स्थल छोड़ने को कहा। इस पर ग्रामीण धरनास्थल छोड़ने को तैयार हो गए, लेकिन सप्ताह भर में समस्या का समाधान का लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने 780 मीटर पर ही डटे रहने का निर्णय लिया है। वार्ता में प्रधान नरेंद्र राणा, प्रमोद नेगी, भरत सिंह रावत, सुरेश नौटियाल, जयपाल, शांता देवी, पुष्पा देवी, भवानी देवी, रामी देवी, रणवीर सिंह, रघुवीर सिंह, सोबत सीिंह, सतेंद्र नौटियाल, धर्मानंद नौटियाल और सोहन दास आदि शामिल थे।
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