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एसडीएम भटवाड़ी ने आपदा के मारों के साथ की गाली-गलौज
उत्तरकाशी/ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jul 2013 08:22 AM IST
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मंत्री-अफसर कह रहे हैं सबको राहत सामग्री मिल रही है। लेकिन शिकायतें हैं कि थमने का नाम नहीं ले रहीं। सड़क से कटे गांवों तक राहत न पहुंचने की शिकायतें तो आम हैं।
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मनमानी, पक्षपात के आरोपों के बाद अब आपदा पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। भाजपा का तो यह भी आरोप है कि कांग्रेसी नेता गुजरात से आई राहत सामग्री घर ले जा रहे हैं।
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पहले आपदा की मार और अब राहत की जगह अधिकारियों की दुत्कार पीड़ितों पर भारी पड़ रही है। राहत के लिए 35 किलोमीटर पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंचे सिल्ला के ग्रामीणों को एसडीएम भटवाड़ी के कोप का सामना करना पड़ा। ‘साहब’ ने आपदा के इन मारों के साथ न सिर्फ गाली-गलौज की बल्कि प्रधान पति को पुलिस के हवाले कर दिया।
क्षेत्र की जनता में रोष
आपदा के समय से ही एसडीएम के रवैये को लेकर क्षेत्र की जनता में रोष है। हालांकि एसडीएम भटवाड़ी केके सिंह का कहना है कि सिल्ला गांव में क्षति नहीं हुई है। फिर भी दूरस्थ एवं अलग-थलग होने के कारण ग्रामीणों को राहत मुहैया कराई जा रही है। ग्रामीण दबाव बनाकर आपदा राहत कार्यों में व्यवधान पैदा कर रहे थे। ऐसे में गुस्सा आना स्वाभाविक है।
भटवाड़ी प्रखंड के सिल्ला गांव में बीपीएल परिवारों के लिए मुफ्त का राशन बंटा लेकिन शेष परिवारों की सुध नहीं ली गई। शनिवार को गांव के दो दर्जन से अधिक लोग पैदल जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने रसद एवं तिरपाल की मांग की। एसडीएम भटवाड़ी ने उन्हें रविवार सुबह आठ बजे आने को कहा।
रविवार सुबह ग्रामीण कलक्ट्रेट में उनके दफ्तर पहुंचे तो काम का दबाव बताते हुए ‘साहब’ बिफर पड़े। आपदा के मारे ग्रामीणों की ओर से भी रोष जाहिर किया गया तो एसडीएम गाली-गलौज पर उतर आए। आरोप है कि उन्होंने मारपीट कर प्रधान पति को अपने दफ्तर में बंद कर दिया। इससे भड़के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट के पास धरना शुरू कर दिया। तब एसडीएम ने पुलिस को बुलाकर प्रधान पति विजय सिंह को पुलिस के हवाले कर दिया।
संयम भरा व्यवहार करना चाहिए
बाद में कुछ जनप्रतिनिधियों की मध्यस्थता में शीघ्र गांव में रसद पहुंचाने का भरोसा दिलाकर मामला रफा-दफा कराया गया। गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण ने कहा कि पूरे उत्तरकाशी जिले की जनता इस समय आपदा झेल रही है। ऐसे में अधिकारियों को आपदा पीड़ितों से संयम भरा व्यवहार करना चाहिए। मामले में समुचित कार्रवाई की जाएगी।
गांवों तक राहत पहुंचाई जा रही है। कुछ लोग दफ्तर में पहुंचकर कार्य में व्यवधान डाल रहे हैं। इससे माहौल खराब हो रहा है। गालीगलौज किसी को भी शोभा नहीं देता। ऐसा हुआ है तो एसडीएम को समझाया जाएगा।
- डॉ. पंकज पांडेय, डीएम उत्तरकाशी
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