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कब बनेगा प्रोसेसिंग प्लांट, कब मिलेगा ट्रंचिंग ग्राउंड से छुटकारा
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रुद्रपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण की पहली तिमाही में पांच सुधारकर इतरा रहे नगर निगम के अधिकारी पांच माह बाद भी प्रोसेसिंग प्लांट की डीपीआर तैयार नहीं करवा सके हैं। ट्रंचिंग ग्राउंड प्रदेश के नक्शे में रुद्रपुर की छवि को भी धूमिल कर रहा है।
रुद्रपुर में एनएच 74 से सटे ट्रंचिंग ग्राउंड को हटाने के लिए पिछले पांच साल से जन आंदोलन तेज हुए हैं। नगर निगम को कूड़े के निस्तारण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट बनाने को फाजलपुर महरौला में वर्ग चार की करीब 11 एकड़ जमीन मिली। इस जमीन के लिए नगर निगम ने मार्च 2017 में राजकीय कोष में तीन करोड़, 68 लाख, 15 हजार रुपये की धनराशि जमा कराई थी। लेकिन यह मामला कोर्ट में चलने से नगर निगम की टीम जमीन पर कब्जा नहीं ले सकी। कोर्ट का फैसला नगर निगम के पक्ष में आने के बाद चार जुलाई 2019 को नगर निगम ने पुलिस व प्रशासन के साथ प्रोसेसिंग प्लांट की जमीन पर कब्जा लिया था।
उस समय नगर निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि जल्द ही प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण शुरू होने के बाद रुद्रपुर से ट्रंचिंग ग्राउंड की समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन पांच महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद अभी तक नगर निगम प्रोसेसिंग प्लांट की डीपीआर तक तैयार नहीं कर सका है। डीपीआर तैयार नहीं होने से प्रोसेसिंग प्लांट का इंतजार भी लंबा होता जा रहा है। ट्रंचिंग की समस्या लगातार विकराल होने से क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जानकारों का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड की समस्या के चलते ही पिछले स्वच्छता रैंकिंग में नगर निगम को 304वीं रैंक मिली थी। यदि ट्रंचिंग ग्राउंड की समस्या का जल्द हल नहीं निकला तो स्वच्छता रैंकिंग में नगर निगम पिछड़ता जाएगा। इस बार पहली तिमाही में पांच अंकों के सुधार के साथ नगर निगम को 299वीं रैंक मिली है, लेकिन रैंकिंग भी संतोषजनक नहीं है।
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मेयर रामपाल सिंह कहते हैं कि प्रोसेसिंग प्लांट की डीपीआर बड़ी होने के कारण तैयार होने में भी अधिक समय लग रहा है।
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रुद्रपुर में एनएच 74 से सटे ट्रंचिंग ग्राउंड को हटाने के लिए पिछले पांच साल से जन आंदोलन तेज हुए हैं। नगर निगम को कूड़े के निस्तारण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट बनाने को फाजलपुर महरौला में वर्ग चार की करीब 11 एकड़ जमीन मिली। इस जमीन के लिए नगर निगम ने मार्च 2017 में राजकीय कोष में तीन करोड़, 68 लाख, 15 हजार रुपये की धनराशि जमा कराई थी। लेकिन यह मामला कोर्ट में चलने से नगर निगम की टीम जमीन पर कब्जा नहीं ले सकी। कोर्ट का फैसला नगर निगम के पक्ष में आने के बाद चार जुलाई 2019 को नगर निगम ने पुलिस व प्रशासन के साथ प्रोसेसिंग प्लांट की जमीन पर कब्जा लिया था।
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उस समय नगर निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि जल्द ही प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण शुरू होने के बाद रुद्रपुर से ट्रंचिंग ग्राउंड की समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन पांच महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद अभी तक नगर निगम प्रोसेसिंग प्लांट की डीपीआर तक तैयार नहीं कर सका है। डीपीआर तैयार नहीं होने से प्रोसेसिंग प्लांट का इंतजार भी लंबा होता जा रहा है। ट्रंचिंग की समस्या लगातार विकराल होने से क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जानकारों का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड की समस्या के चलते ही पिछले स्वच्छता रैंकिंग में नगर निगम को 304वीं रैंक मिली थी। यदि ट्रंचिंग ग्राउंड की समस्या का जल्द हल नहीं निकला तो स्वच्छता रैंकिंग में नगर निगम पिछड़ता जाएगा। इस बार पहली तिमाही में पांच अंकों के सुधार के साथ नगर निगम को 299वीं रैंक मिली है, लेकिन रैंकिंग भी संतोषजनक नहीं है।
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मेयर रामपाल सिंह कहते हैं कि प्रोसेसिंग प्लांट की डीपीआर बड़ी होने के कारण तैयार होने में भी अधिक समय लग रहा है।