{"_id":"8489f40d5a0678013dd1d83f208e31f2","slug":"walnut-and-apple-utpapd-become-a-source-of-economic-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अखरोट और सेब उत्पापदन बनेगा आर्थिकी का जरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अखरोट और सेब उत्पापदन बनेगा आर्थिकी का जरिया
ब्यूराे अमर उजाला रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 16 Nov 2015 04:41 PM IST
विज्ञापन
अखरोट और सेब अब काश्तकारों की आर्थिकी का प्रमुख जरिया बनेगा। जनपद के ऊंचाई वाले इलाकों में इन फलों के उत्पादन को लेकर भेषज संघ ने योजना बनाई है।
संघ के सदस्य गांवों को गोद लेकर वहां काश्तकारों को फलोत्पादन के लिए नि:शुल्क पौध उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही संबंधित खेती के प्रशिक्षण के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए भी उचित इंतजाम में मदद की जाएगी।
आपदा प्रभावित जनपद के केदारघाटी सहित अगस्त्यमुनि व जखोली ब्लाक के ऊंचाई वाले इलाकों में अखरोट और सेब का उत्पादन किया जाएगा। भेषज संघ काश्तकारों को उद्यान विभाग के विशेषज्ञों की मदद से अखरोट व सेब की खेती की तकनीक की जानकारी देगा।
पौध की देखरेख के लिए काश्तकार को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। संघ की मानें तो फलदार पौधों का अधिकाधिक रोपण कर उन्हें संरक्षित करने वाले काश्तकारों को मेरा वृक्ष-मेरा धन योजना से भी जोड़ा जाएगा। इधर, संघ की ओर से बैनोली और लिस्वाल्टा में 50-50 नाली भूमि पर अपनी नर्सरियां विकसित की गई हैं। इनसे काश्तकारों को फलदार पौधों की पौध उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
जनपद में फलोत्पादन और चारापत्ती से जुड़े पौधों का अधिकाधिक रोपण कर काश्तकार की आजीविका को मजबूत करना ही भेषज संघ का उद्देश्य है। भविष्य में फलों की खरीद व विपणन व्यवस्था भी की जाएगी। संघ का प्रत्येक सदस्य एक-एक गांव की जिम्मेदारी लेकर वहां काश्तकारों की मदद करेगा। - अंकुर रौथाण, अध्यक्ष जिला भेषज संघ रुद्रप्रयाग
विज्ञापन
संघ के सदस्य गांवों को गोद लेकर वहां काश्तकारों को फलोत्पादन के लिए नि:शुल्क पौध उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही संबंधित खेती के प्रशिक्षण के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए भी उचित इंतजाम में मदद की जाएगी।
आपदा प्रभावित जनपद के केदारघाटी सहित अगस्त्यमुनि व जखोली ब्लाक के ऊंचाई वाले इलाकों में अखरोट और सेब का उत्पादन किया जाएगा। भेषज संघ काश्तकारों को उद्यान विभाग के विशेषज्ञों की मदद से अखरोट व सेब की खेती की तकनीक की जानकारी देगा।
विज्ञापन
पौध की देखरेख के लिए काश्तकार को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। संघ की मानें तो फलदार पौधों का अधिकाधिक रोपण कर उन्हें संरक्षित करने वाले काश्तकारों को मेरा वृक्ष-मेरा धन योजना से भी जोड़ा जाएगा। इधर, संघ की ओर से बैनोली और लिस्वाल्टा में 50-50 नाली भूमि पर अपनी नर्सरियां विकसित की गई हैं। इनसे काश्तकारों को फलदार पौधों की पौध उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
जनपद में फलोत्पादन और चारापत्ती से जुड़े पौधों का अधिकाधिक रोपण कर काश्तकार की आजीविका को मजबूत करना ही भेषज संघ का उद्देश्य है। भविष्य में फलों की खरीद व विपणन व्यवस्था भी की जाएगी। संघ का प्रत्येक सदस्य एक-एक गांव की जिम्मेदारी लेकर वहां काश्तकारों की मदद करेगा। - अंकुर रौथाण, अध्यक्ष जिला भेषज संघ रुद्रप्रयाग