फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Villagers of Toshi are crossing the river with the help of poles,

Rudraprayag News: जान जोखिम में डाल बल्ली के सहारे नदी पार कर रहे तोषी के ग्रामीण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2024 01:38 AM IST
विज्ञापन
Villagers of Toshi are crossing the river with the help of poles,
केदारनाथ विधानसभा के सबसे दूरस्थ गांवों में तोषी के ग्रामीणों के लिए सड़क आज भी सपने के समान है। गांव के लिए स्वीकृत त्रियुगीनारायण-तोषी मोटरमार्ग लंबे समय से अधूरा है। मार्ग को गांव से जोड़ने के लिए सोन नदी पर प्रस्तावित पुल की स्वीकृति नहीं मिलने से ग्रामीण बल्ली के सहारे जान हथेली पर रखकर पैदल रास्ता नाप रहे हैं।
विज्ञापन


रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड-राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनप्रयाग से 11 किमी की दूरी तय कर त्रियुगीनारायण पहुंचकर सात किलोमीटर पैदल दूरी तय कर तोषी गांव पहुंचा जाता है। 45 परिवारों वाले गांव में करीब 250 ग्रामीणों को राज्य निर्माण के ढाई दशक बाद भी सड़क की सुविधा नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन




गांव के लिए 2006 में छह किमी सड़क स्वीकृत हो चुकी है लेकिन आज तक सिर्फ 3.5 किमी ही निर्माण हो पाया है, जिस कारण ग्रामीण पैदल नाप रहे हैं। गांव के लोगों को रोजमर्रा के सामान के लिए भी सात किमी पैदल त्रियुगीनायण की दौड़ लगानी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रास्ते के बीच में सोन नदी बहती है, जिसे पार करने के लिए यहां स्टील गार्डर पुल तो दूर अस्थायी पुलिया तक नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों ने स्वयं के प्रयासों से चीड़ के पेड़ की बल्ली को नदी के आरपार लगा रखा है। इन बल्लियों के ऊपर से होकर वह नदी पार कर रहे हैं।



इस बल्ली से रोजाना गांव के 14 स्कूली बच्चे गांव से जीआईसी त्रियुगीनारायण
इन बच्चों को बल्ली से नदी पार कराने के लिए उनके परिजनों को जाना पड़ रहा है। आवागमन करते हैं। उप प्रधान दिनेश चंद्र सेमवाल बताते हैं, इसे नियती कहें या शासन, प्रशासन की उपेक्षा, समझ से परे है। छह किलोमीटर सड़क का निर्माण अधूरा पड़ा है और गांव को जोड़ने के लिए नदी पर पुल की स्वीकृति नहीं मिल रही है। पूर्व ग्राम प्रधान शशि देवी का कहना है कि, उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद भी तोषी गांव सड़क, स्वास्थ्य, संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं से महरूम है।



60 वर्ष पार होते ही गांव छोड़ रहे बुजुर्ग



रुद्रप्रयाग। 45 परिवारों वाले तोषी गांव के नौ बुजुर्ग बीते दो वर्ष में गांव छोड़कर अन्यत्र सड़क वाले स्थानों पर शरण ले चुके हैं। इसका प्रमुख कारण, गांव का सड़क से वंचित होना है। इन हालातों में अगर, किसी की तबियत खराब होती है, तो उसे ग्रामीणों द्वारा डंडी से सात किमी पैदल चलकर त्रियुगीनारायण पहुंचाया जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यह बुजुर्ग गांव से पलायन कर त्रियुगीनारायण, सोनप्रयाग और फाटा में अपने सगे-संबंधियों व अन्य लोगों के यहां शरण लिए हुए हैं।


त्रियुगीनारायण-तोषी मोटर मार्ग का निर्माण लगभग साढ़े तीन किलोमीटर हो चुका है, लेकिन सोन नदी पर पुल की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सड़क का कोई लाभ नहीं मिलेगा। वर्तमान में ग्रामीण रोजमर्रा के सामान के लिए सात किमी पैदल दूरी तय कर त्रियुगीनारायण पहुंचते हैं, पर सोन नदी पर पुल नहीं होने से जान हथेली पर रखकर आवाजाही करनी पड़ रही है। -जगत सिंह रावत, ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत तोषी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed