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Rudraprayag News: ग्रामीणों ने स्थायी शिक्षक की मांग उठाई
Thu, 05 Nov 2026 06:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Thu, 05 Nov 2026 06:48 PM IST
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एक शिक्षिका मातृत्व अवकाश पर, अलग-अलग स्कूलों से शिक्षक भेजकर हो रही व्यवस्था;
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपता।
तल्ला नागपुर क्षेत्र के ग्राम तड़ाग स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है।
विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक 25 बच्चे अध्ययनरत हैं। यहां दो शिक्षिकाएं तैनात हैं, लेकिन एक शिक्षिका के मातृत्व अवकाश पर होने से पठन-पाठन की जिम्मेदारी एक शिक्षिका पर आ गई है। विभाग की ओर से अलग-अलग विद्यालयों से शिक्षकों को संबद्ध कर व्यवस्था बनाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कभी एक तो कभी दूसरे विद्यालय से शिक्षक भेजे जाने के कारण बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता और समन्वय प्रभावित हो रहा है।
ग्राम प्रधान अखिलेश सिंह नेगी ने कहा कि अवकाश अवधि तक विद्यालय में एक शिक्षक की नियमित व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। इधर, जिला शिक्षा अधिकारी अजय चौधरी ने बताया कि शिक्षिका के अवकाश पर रहने के दौरान नजदीकी विद्यालयों से शिक्षकों को संबद्ध कर व्यवस्था करनी पड़ती है। साथ ही यह भी ध्यान रखना होता है कि जिन विद्यालयों से शिक्षक भेजे जा रहे हैं, वहां का पठन-पाठन प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों से शिक्षक संबद्ध किए जाते हैं, वहां के ग्रामीण भी शिक्षकों की उपलब्धता की मांग करते हैं। इसलिए दोनों पक्षों का ध्यान रखते हुए व्यवस्था बनाई जाती है। उन्होंने बताया कि मातृत्व अवकाश के तहत छह महीने तक छुट्टी का प्रावधान है। शिक्षिका के कुछ समय बाद लौटने पर व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।
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चोपता।
तल्ला नागपुर क्षेत्र के ग्राम तड़ाग स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है।
विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक 25 बच्चे अध्ययनरत हैं। यहां दो शिक्षिकाएं तैनात हैं, लेकिन एक शिक्षिका के मातृत्व अवकाश पर होने से पठन-पाठन की जिम्मेदारी एक शिक्षिका पर आ गई है। विभाग की ओर से अलग-अलग विद्यालयों से शिक्षकों को संबद्ध कर व्यवस्था बनाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कभी एक तो कभी दूसरे विद्यालय से शिक्षक भेजे जाने के कारण बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता और समन्वय प्रभावित हो रहा है।
ग्राम प्रधान अखिलेश सिंह नेगी ने कहा कि अवकाश अवधि तक विद्यालय में एक शिक्षक की नियमित व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। इधर, जिला शिक्षा अधिकारी अजय चौधरी ने बताया कि शिक्षिका के अवकाश पर रहने के दौरान नजदीकी विद्यालयों से शिक्षकों को संबद्ध कर व्यवस्था करनी पड़ती है। साथ ही यह भी ध्यान रखना होता है कि जिन विद्यालयों से शिक्षक भेजे जा रहे हैं, वहां का पठन-पाठन प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों से शिक्षक संबद्ध किए जाते हैं, वहां के ग्रामीण भी शिक्षकों की उपलब्धता की मांग करते हैं। इसलिए दोनों पक्षों का ध्यान रखते हुए व्यवस्था बनाई जाती है। उन्होंने बताया कि मातृत्व अवकाश के तहत छह महीने तक छुट्टी का प्रावधान है। शिक्षिका के कुछ समय बाद लौटने पर व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।
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