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Rudraprayag News: केदारनाथ से लौटे कई व्यापारी और घोड़ा-खच्चर संचालक
Fri, 06 Nov 2026 05:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Fri, 06 Nov 2026 05:25 PM IST
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
फाटा। बाबा केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने में अब पांच दिन शेष हैं। ऐसे में दीपावली पर्व मनाने के लिए करीब 30 फीसदी व्यापारी, घोड़ा-खच्चर संचालक और डंडी-कंडी संचालक अपने घरों को लौट चुके हैं। इस कारण केदारपुरी में कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर ताले लग गए हैं। हालांकि अभी तीर्थयात्रियों की सुविधा और स्वागत के लिए कई दुकानें खुली हुई हैं।
गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल मार्ग पर स्थित ढाबों और रेस्टोरेंट में से करीब 60 फीसदी बंद हो चुके हैं। वहीं अधिकांश घोड़े-खच्चर भी घरों की ओर लौट चुके हैं। अस्थायी टेंट संचालक अपने टेंट समेटकर लौट गए हैं जबकि कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया है। तीर्थ पुरोहित अनित शुक्ला ने बताया कि दीपोत्सव का पर्व मनाने के लिए कुछ तीर्थ पुरोहित, स्थानीय व्यापारी और घोड़ा-खच्चर संचालक घर लौट चुके हैं। इस वर्ष यात्रा सीजन के दौरान तीर्थयात्रियों की अच्छी आमद रहने से व्यापारियों और कारोबारियों के चेहरे खिले रहे। उन्होंने बताया कि भले ही अधिकांश कारोबारी घर लौट रहे हैं। इसके बावजूद केदारपुरी में लगातार तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं।
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फाटा। बाबा केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने में अब पांच दिन शेष हैं। ऐसे में दीपावली पर्व मनाने के लिए करीब 30 फीसदी व्यापारी, घोड़ा-खच्चर संचालक और डंडी-कंडी संचालक अपने घरों को लौट चुके हैं। इस कारण केदारपुरी में कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर ताले लग गए हैं। हालांकि अभी तीर्थयात्रियों की सुविधा और स्वागत के लिए कई दुकानें खुली हुई हैं।
गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल मार्ग पर स्थित ढाबों और रेस्टोरेंट में से करीब 60 फीसदी बंद हो चुके हैं। वहीं अधिकांश घोड़े-खच्चर भी घरों की ओर लौट चुके हैं। अस्थायी टेंट संचालक अपने टेंट समेटकर लौट गए हैं जबकि कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया है। तीर्थ पुरोहित अनित शुक्ला ने बताया कि दीपोत्सव का पर्व मनाने के लिए कुछ तीर्थ पुरोहित, स्थानीय व्यापारी और घोड़ा-खच्चर संचालक घर लौट चुके हैं। इस वर्ष यात्रा सीजन के दौरान तीर्थयात्रियों की अच्छी आमद रहने से व्यापारियों और कारोबारियों के चेहरे खिले रहे। उन्होंने बताया कि भले ही अधिकांश कारोबारी घर लौट रहे हैं। इसके बावजूद केदारपुरी में लगातार तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं।
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