{"_id":"6a7730adc3cc1c59fb0c10af","slug":"villagers-consent-for-the-sonprayag-kalimath-chunni-bend-tunnel-route-rudraprayag-news-c-52-1-rpg1007-120134-2026-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rudraprayag News: सोनप्रयाग-कालीमठ-चुन्नी बैंड टनल मार्ग पर ग्रामीणों की सहमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rudraprayag News: सोनप्रयाग-कालीमठ-चुन्नी बैंड टनल मार्ग पर ग्रामीणों की सहमति
Sat, 08 Aug 2026 07:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sat, 08 Aug 2026 07:05 PM IST
विज्ञापन
तीन विकल्पों में व्यापक सुधार व टनल निर्माण वाला विकल्प चुना, जल्द काम शुरू करने की मांग
गुप्तकाशी। सोनप्रयाग से कालीमठ होते हुए चुन्नी बैंड तक प्रस्तावित दो-लेन टनलयुक्त हाईवे को लेकर शनिवार को कालीमठ में पहली सार्वजनिक परामर्श बैठक हुई। बैठक में हाईवे के तीन विकल्प ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखे गए। चर्चा के बाद तीसरे विकल्प को सबसे सुरक्षित और बेहतर मानते हुए सर्वसम्मति से सहमति दी गई।
पहले विकल्प में मौजूदा सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव था। जांच में कई जगह सड़क के मोड़ों की वक्रता त्रिज्या 10 मीटर से कम पाई गई। इससे सड़क को सुरक्षित बनाने में परेशानी को देखते हुए इस विकल्प को खारिज कर दिया गया। दूसरे विकल्प में सड़क का सीमित रिएलाइनमेंट करने का प्रस्ताव था। इसमें डिजाइन गति 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा तक ही रहने की संभावना थी। वहीं, कुछ स्थानों पर रिवर्स कर्व की समस्या भी सामने आ सकती थी। इसके चलते इस विकल्प को भी उपयुक्त नहीं माना गया।
तीसरे विकल्प में सड़क में व्यापक सुधार के साथ प्रमुख रिएलाइनमेंट और टनल निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। इस विकल्प में कम मोड़, कम ढाल और बेहतर सड़क डिजाइन होने के कारण इसे सुरक्षित माना गया। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भी भविष्य की यातायात जरूरतों को देखते हुए इसे सबसे बेहतर विकल्प बताया।
विज्ञापन
बैठक में ग्रामीणों ने परियोजना का काम जल्द शुरू करने की मांग की। यह परियोजना केदारनाथ धाम के लिए एक वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग विकसित करने की योजना का हिस्सा है। कालीमठ घाटी होते हुए चौमासी-सोनप्रयाग तक टनल मार्ग के लिए सर्वे का काम पहले ही शुरू किया जा चुका है।
बैठक में एसडीएम ऊखीमठ अनिल रावत, एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे, तहसीलदार निशांत कंबोज, एई प्रेरणा जगूड़ी समेत जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
गुप्तकाशी। सोनप्रयाग से कालीमठ होते हुए चुन्नी बैंड तक प्रस्तावित दो-लेन टनलयुक्त हाईवे को लेकर शनिवार को कालीमठ में पहली सार्वजनिक परामर्श बैठक हुई। बैठक में हाईवे के तीन विकल्प ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखे गए। चर्चा के बाद तीसरे विकल्प को सबसे सुरक्षित और बेहतर मानते हुए सर्वसम्मति से सहमति दी गई।
पहले विकल्प में मौजूदा सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव था। जांच में कई जगह सड़क के मोड़ों की वक्रता त्रिज्या 10 मीटर से कम पाई गई। इससे सड़क को सुरक्षित बनाने में परेशानी को देखते हुए इस विकल्प को खारिज कर दिया गया। दूसरे विकल्प में सड़क का सीमित रिएलाइनमेंट करने का प्रस्ताव था। इसमें डिजाइन गति 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा तक ही रहने की संभावना थी। वहीं, कुछ स्थानों पर रिवर्स कर्व की समस्या भी सामने आ सकती थी। इसके चलते इस विकल्प को भी उपयुक्त नहीं माना गया।
विज्ञापन
तीसरे विकल्प में सड़क में व्यापक सुधार के साथ प्रमुख रिएलाइनमेंट और टनल निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। इस विकल्प में कम मोड़, कम ढाल और बेहतर सड़क डिजाइन होने के कारण इसे सुरक्षित माना गया। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भी भविष्य की यातायात जरूरतों को देखते हुए इसे सबसे बेहतर विकल्प बताया।
विज्ञापन
बैठक में ग्रामीणों ने परियोजना का काम जल्द शुरू करने की मांग की। यह परियोजना केदारनाथ धाम के लिए एक वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग विकसित करने की योजना का हिस्सा है। कालीमठ घाटी होते हुए चौमासी-सोनप्रयाग तक टनल मार्ग के लिए सर्वे का काम पहले ही शुरू किया जा चुका है।
बैठक में एसडीएम ऊखीमठ अनिल रावत, एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे, तहसीलदार निशांत कंबोज, एई प्रेरणा जगूड़ी समेत जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के ग्रामीण मौजूद रहे।